*गुरला के सदा शिव मंदिर में  जन्माष्टमी पर सहस्त्र धारा अभिषेक, मंत्रोच्चारण से गूंजा मंदिर*

BHILWARA
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गुरला (बद्री लाल माली)नेशनल हाईवे 758 स्थित सहकारी समिति के पास स्थित प्राचीन सदा शिव महादेव मंदिर में सावन माह और कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर भव्य धार्मिक आयोजन हुए। भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है, विशेष रूप से शिवलिंग का कई तरह से श्रृंगार होता है। इसमें चंदन, रोली, चावल, काले तिल, जनेऊ, बेलपत्र, फूल माला, वस्त्र आदि का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही भस्म, रुद्राक्ष, नाग देवता, खप्पर, पैरों में कड़ा, डमरू, त्रिशूल, गंगा और चंद्रमा भी भगवान शिव के श्रृंगार का हिस्सा होते हैं। भगवान को पंचामृत से अभिषेक किया गया।

मंदिर के शंकर लाल सत्यनारायण शिव माली ने बताया कि बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया और मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया। पुजारी सत्यनारायण वैष्णव ने बताया कि महा आरती का आयोजन किया गया एवं महा आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।
जन्माष्टमी पर सहस्त्र धारा वहीं कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर मंदिर में विशेष सहस्त्र धारा अभिषेक का आयोजन हुआ। पंडित राजू त्रिपाठी के मुखारबिंद से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक संपन्न हुआ।

इस अवसर पर पंडित लादू लाल तिवाड़ी ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन शिव का सहस्त्र धारा अभिषेक करने से विशेष फल मिलता है। भगवान कृष्ण स्वयं शिव के परम भक्त थे, इसलिए इस दिन शिव पूजा से शिव और कृष्ण दोनों की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।