भीलवाड़ा की निकाय जंग में सीएम भजनलाल का ‘मास्टर स्ट्रोक’!

BHILWARA
Spread the love


शनिवार को रोड शो से भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
नगर निगम की सत्ता के लिए आर-पार की लड़ाई के बीच मुख्यमंत्री खुद मैदान में;
हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शहर में उतरेंगे, 10 पालिकाओं के प्रत्याशियों को भी साधेंगे

भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी।
भीलवाड़ा की निकाय राजनीति में चुनावी पारा अब उबाल पर है। नगर निगम की सत्ता पर कब्जे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही रस्साकशी के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का शनिवार को भीलवाड़ा दौरा भाजपा की चुनावी रणनीति का बड़ा दांव माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के निर्णायक दौर में मुख्यमंत्री का खुद मैदान में उतरना इस बात का संकेत है कि भाजपा ने भीलवाड़ा नगर निगम की लड़ाई को बेहद गंभीरता से लिया है।


मुख्यमंत्री के रोड शो के जरिए भाजपा एक साथ कई संदेश देने की तैयारी में है कार्यकर्ताओं में जोश, संगठन की ताकत का प्रदर्शन, प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल और कांग्रेस के सामने राजनीतिक चुनौती।
सांगानेरी गेट से निकलेगा सियासी शक्ति प्रदर्शन–
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार सुबह 11 बजे श्री दूधाधारी गोपाल मंदिर, सांगानेरी गेट से विशाल रोड शो शुरू करेंगे। रोड शो बड़ा मंदिर होते हुए महाराणा टॉकीज चौराहे तक पहुंचेगा। भाजपा की कोशिश है कि रोड शो में जिलेभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पार्षद प्रत्याशियों और समर्थकों को जुटाया जाए। यदि पार्टी अपने लक्ष्य के अनुरूप भीड़ जुटाने में सफल रहती है तो यह चुनावी मैदान में भाजपा के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त का संदेश बन सकता है।
नगर निगम ही नहीं, 10 पालिकाओं पर भी नजर–
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम केवल भीलवाड़ा नगर निगम तक सीमित नहीं है। भाजपा के अनुसार जिले की 10 नगर पालिकाओं के प्रत्याशियों के पक्ष में भी चुनावी माहौल तैयार किया जाएगा।
यानी भाजपा मुख्यमंत्री की लोकप्रियता और सरकार के चेहरे को स्थानीय निकाय चुनाव में उतारकर स्थानीय मुकाबले को व्यापक राजनीतिक नैरेटिव देने की कोशिश कर रही है।
रोड शो के बाद होगी असली ‘चुनावी क्लास’-
रोड शो के बाद मुख्यमंत्री भाजपा कार्यालय पहुंचकर जिले के प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। राजनीतिक नजरिए से यह बैठक रोड शो से भी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां मुख्यमंत्री से जिले की चुनावी स्थिति, वार्डवार समीकरण, प्रत्याशियों की स्थिति और संगठन की तैयारियों को लेकर फीडबैक साझा किया जाएगा। मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन मिलने के बाद भाजपा संगठन चुनाव के अंतिम चरण में बूथ स्तर तक अपनी रणनीति को और धार देने की कोशिश करेगा।
भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती, शक्ति प्रदर्शन को वोट में बदलना–
मुख्यमंत्री का रोड शो भाजपा के लिए माहौल बनाने का बड़ा अवसर है, लेकिन चुनाव की असली परीक्षा वार्डों में होगी। निकाय चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी की पकड़, व्यक्तिगत संपर्क, सामाजिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ भीड़ जुटाने की नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के रोड शो से पैदा होने वाले राजनीतिक उत्साह को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की होगी।
कांग्रेस भी देखेगी भाजपा के ‘शक्ति प्रदर्शन’ की काट–
मुख्यमंत्री के दौरे ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। भाजपा जहां मुख्यमंत्री के चेहरे और सरकार के कामकाज के सहारे माहौल बनाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस के सामने स्थानीय मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरने और अपने संगठन को सक्रिय करने की चुनौती होगी।
भीलवाड़ा की सियासत में अब मुकाबला केवल भाजपा बनाम कांग्रेस प्रत्याशियों का नहीं रह गया है, बल्कि दोनों दल इसे अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के मौके के रूप में देख रहे हैं।
भाजपा की पूरी चुनावी टीम जुटी-
मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों को लेकर जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सांसद दामोदर अग्रवाल, नगर निगम प्रभारी वीरमदेव सिंह, जिला संगठन सह प्रभारी मिठूलाल जाट, विधायक अशोक कोठारी, उदयलाल भडाना, पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया, पूर्व विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी, जिला महामंत्री अविनाश जीनगर एवं कन्हैयालाल जाट सहित प्रमुख नेता मौजूद रहे। बैठक में रोड शो को सफल बनाने और मुख्यमंत्री के संगठनात्मक कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रणनीति तय की गई।
सीएम का टाइट शेड्यूल, लेकिन संदेश बड़ा-
मुख्यमंत्री 10.50 बजे जयपुर से रवाना होकर 11.50 बजे पुलिस लाइन हेलीपैड, भीलवाड़ा पहुंचेंगे। इसके बाद रोड शो सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद दोपहर 2.10 बजे उदयपुर रवाना होंगे।
अब भीलवाड़ा में सवाल सीएम की एंट्री से किसका पलड़ा भारी?
निकाय चुनाव की इस सियासी जंग में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। भाजपा इसे शक्ति प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का हथियार बना रही है, जबकि कांग्रेस के सामने इस बड़े राजनीतिक आयोजन की काट तलाशने की चुनौती है। अब निगाहें शनिवार के रोड शो पर हैं सड़क पर उमड़ने वाली भीड़ सिर्फ संख्या नहीं होगी, बल्कि चुनावी माहौल को लेकर भाजपा के दावे की पहली राजनीतिक परीक्षा भी होगी। इसके बाद असली लड़ाई वार्डों की गलियों और मतदान केंद्रों पर होगी, जहां मुख्यमंत्री का संदेश कितना असर छोड़ता है, यही भीलवाड़ा की निकाय सत्ता की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।