दो नामांकन खारिज होने के बाद मुकाबला साफ, निर्दलीयों के साथ क्रॉस वोटिंग का खतरा भी बढ़ा
बिजौलिया। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में अब मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा में दो नामांकन खारिज होने के बाद भाजपा की ओर से स्नेहा तिवाड़ी और कांग्रेस की ओर से भूमिका सुवालका आमने-सामने हैं। दोनों प्रमुख दलों के सामने अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती है।
बुधवार को दाखिल नामांकन पत्रों की आज रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सीएल शर्मा के नेतृत्व में उपखंड कार्यालय में संवीक्षा की गई। इसमें वार्ड 14 की भाजपा पार्षद हर्षण्दा कुमारी राठौर और वार्ड 17 की आशा देवी जोशी के नामांकन खारिज हुए। अब दो प्रत्याशी मैदान में हैं। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 18 सितंबर है, जबकि अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होगा।
नगर पालिका के 25 सदस्यीय बोर्ड में बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है। चुनाव परिणाम में भाजपा के 12, कांग्रेस के 11 और दो निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
वहीं, केवल निर्दलीय पार्षद ही नहीं, बल्कि क्रॉस वोटिंग की आशंका ने भी दोनों दलों की चिंता बढ़ा दी है। बहुमत का आंकड़ा बेहद करीब होने के कारण भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने पार्षदों को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव तक दोनों दलों की रणनीति और पार्षदों के रुख पर सबकी नजरें रहेंगी। अब 21 सितंबर का मतदान ही तय करेगा कि बिजौलिया नगर पालिका की कमान किसके हाथ आती है।
