बिजोलिया।
कास्या पुलिस चौकी क्षेत्र के तिलस्वा ग्राम में पुलिस ने मानवीयता और समाज सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए पिछले दो वर्षों से पांच लावारिस बच्चों का संरक्षण और पालन-पोषण की जिम्मेदारी संभाल रखी है। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते बेसहारा होकर भटक रहे इन बच्चों के लिए पुलिस अब अभिभावक की भूमिका निभा रही है।
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जानकारी के अनुसार तिलस्वा में रहने वाली पदमा (20), प्रिया (10), राजाराम (8), हरिओम (6) और देवराज (4) इन पांचों भाई-बहनों के पिता के अत्यधिक शराब सेवन और मां के अन्यत्र विवाह कर लेने के कारण उनका जीवन अनाथ जैसी स्थिति में गुजर रहा था। बच्चे गांव में लावारिस हालत में घूमते रहते थे। बिट प्रभारी कांस्टेबल हेमाराम को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत कांस्या चौकी प्रभारी एएसआई नरेश सुखवाल को अवगत कराया, जिसके बाद पुलिस ने इन बच्चों का पूरा जिम्मा उठा लिया।चौकी में कार्यरत 5 पुलिसकर्मियों का स्टाफ बच्चो की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है ।

पिछले दो साल से पुलिस उनकी खान-पान की व्यवस्था, साफ-सफाई, बाल कटिंग, और दैनिक जरूरतों का ध्यान रख रही है। बच्चों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज़ नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही थी। इसे संज्ञान में लेते हुए एएसआई नरेश सुखवाल ने ग्राम विकास अधिकारी छुट्टन शर्मा से बात कर बच्चों के दस्तावेज़ जल्द से जल्द तैयार करवाने और विद्यालय में प्रवेश दिलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की इस संवेदनशील और मानव हितैषी पहल ने क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनाया है। ग्रामीणों ने कास्या पुलिस की इस सेवा भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
