बिजोलिया।
संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को बिजोलिया नगर में भव्य हिंदू सम्मेलन एवं विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा नगर आस्था, उत्साह और हिंदू एकता के रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम के तहत चारभुजा नाथ चौक से भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में सिर पर कलश धारण किए हुए सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा एवं चुनरी में शामिल हुईं, जबकि पुरुष श्वेत वस्त्रों के साथ भगवा परिधान धारण किए हुए हाथों में धर्मध्वज लिए चल रहे थे।
जुलूस में हजारों की संख्या में युवा, बुजुर्ग, महिलाएं एवं पुरुष ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए पंचायत चौक, बड़ा दरवाजा, सब्जी मंडी मार्ग, तेजाजी का चौक एवं बूंदी रोड होते हुए थानेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थित धर्मसभा स्थल पहुंचे।

सम्मेलन को लेकर पूरे नगर को भगवा पताकाओं एवं धार्मिक ध्वजों से सजाया गया, जिससे क्षेत्र में भक्तिमय एवं उत्सव जैसा वातावरण बन गया। जगह-जगह नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर जुलूस का भव्य स्वागत किया गया।

धर्मसभा एवं जुलूस में मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने भी सहभागिता की। वहीं भट्टों का बामणिया स्थित पंचमुखी दरबार के पंडित महेंद्र भट्ट ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए हिंदू समाज को संगठित रहने, संस्कृति की रक्षा करने और जागरूकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति एवं भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। झांकियों के माध्यम से हिंदुत्व, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का सशक्त संदेश दिया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

धर्मसभा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। ढोल-नगाड़ों, जयघोषों और भगवा ध्वजों के बीच उमड़ा जनसैलाब कार्यक्रम की भव्यता का साक्षी बना। पुलिस थाने के समीप आयोजित यह धर्मसभा हिंदुओं की आस्था, एकता और भावनाओं की प्रतीक बनी।

भगवान दास ने कहा कि देशभर में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। हमारा सौभाग्य है कि हमने भारत में जन्म लिया, जहां भगवानों ने अवतार लिए। उन्होंने कहा कि हिंदू होना गर्व की बात है—जिसके भीतर हिंदू कहलाते ही ओज और ऊर्जा का संचार हो जाए, वही सच्चा हिंदू है। यह हमारे पुण्य कर्मों का फल है।

वहीं पंडित महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह आयोजन हिंदू समाज को जागृत करने का प्रयास है, जो लंबे समय से सोया हुआ था। उन्होंने जात-पात भुलाकर एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि ठाकुर जी ने सभी को एक बनाया है। हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। उन्होंने बच्चों को सनातन धर्म की शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. डी. एस. मेहर ने की।
