बिजोलिया (नरेश धाकड़)।
श्री धाकड़ महासभा की बैठक महिला इकाई की प्रदेश अध्यक्ष दीपसिखा धाकड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बच्चों को संस्कार देने तथा उन्हें जीवन जीने की कला सिखाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि बच्चों को जीवन जीने की कला सिखाने का उद्देश्य उन्हें खुशहाल, संतुलित एवं अनुशासित जीवन के लिए तैयार करना है। इसके अंतर्गत बच्चों में सकारात्मक दृष्टिकोण, एकाग्रता, आत्म-संयम, सहजता तथा प्रेम, सहयोग व साझा करने जैसे मूल्यों का विकास आवश्यक है, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सके।

बैठक में बच्चों के लिए सकारात्मक सोच विकसित करने, हर परिस्थिति में खुश रहना, जीवन के छोटे-छोटे पलों में आनंद ढूंढना, योग, प्राणायाम व ध्यान के माध्यम से भावनात्मक एवं मानसिक मजबूती बढ़ाने, नियमित दिनचर्या, स्वच्छता, अनुशासन, ईमानदारी तथा अच्छी संगति के महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही माता-पिता एवं बड़ों के सम्मान, सेवा भावना तथा सहानुभूति को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

आदर्श धाकड़ विद्यापीठ के प्रिंसिपल सत्यनारायण धाकड़ ने बताया कि विवेक-सुषमा चेयरेबल ट्रस्ट की ओर से बच्चों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आदर्श धाकड़ विद्यापीठ विद्यालय से की जाएगी। इसके बाद अन्य विद्यालयों को भी इस अभियान से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में धाकड़ समाज अध्यक्ष मांगीलाल धाकड़, समाज पंचायत सचिव शंकरलाल धाकड़, सामूहिक विवाह सम्मेलन अध्यक्ष ओमप्रकाश धाकड़, आदर्श धाकड़ विद्यापीठ सचिव रमेश धाकड़, थड़ौदा प्रशासक राजेश धाकड़, पूर्व सरपंच शंकरलाल धाकड़, श्री धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पप्पूलाल धाकड़, प्रदेश महामंत्री दुर्गेश धाकड़, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश धाकड़, एडवोकेट रामफूल धाकड़, मनीष धाकड़, सोहनलाल धाकड़, दिनेश धाकड़ सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
