बिजौलियाँ। नरेश धाकड़
उपखण्ड क्षेत्र के सबसे बड़े राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तक पहुंचने वाली मुख्य सड़क आज खुद बदहाली की तस्वीर बन चुकी है। जावदा, छोटी बिजौलियां, सहित कई गांवों को जोड़ने वाला यह अहम मार्ग कई वर्षों से पूरी तरह खस्ताहाल है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, कीचड़ और पानी से लबालब सड़क ने आम राहगीरों से लेकर वाहन चालकों और स्कूली बच्चों तक की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
विडंबना यह है कि यही सड़क राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कस्तूरबा बालिका छात्रावास तक पहुंचने का एकमात्र प्रमुख मार्ग है। बावजूद इसके, इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं। स्कूल समय में हालात और भयावह हो जाते हैं पैदल आने-जाने वाले छात्रों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, वहीं तेज रफ्तार वाहनों से उछलता गंदा पानी बच्चों की ड्रेस तक खराब कर देता है।

समस्या यहीं खत्म नहीं होती। स्कूल के समीप इंदिरा कॉलोनी में नालियों का अभाव है, जिससे घरों का गंदा पानी सीधे मुख्य सड़क पर बहता है। नतीजा सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन और बदतर होती जा रही है। लंबे समय से यह मार्ग उपेक्षा का शिकार है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नज़र नहीं आती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतें होती रहीं, मगर समाधान सिर्फ कागज़ों तक सिमटा रहा। शिक्षा के इस मुख्य मार्ग की दुर्दशा ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई तक पहुंच आसान बनाना प्राथमिकता में नहीं? ।















