पूर्व में रियायती दर पर आवंटित भूमि निरस्त करने के मुद्दे पर विधायक कोठारी ने सरकार से मांगा जवाब

BHILWARA
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भीलवाड़ा 17 अप्रैल। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी  ने राजस्थान विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार द्वारा पूर्व में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर किए गए भूमि आवंटन तथा बाद में उन्हें निरस्त किए जाने के मामले पर जवाब मांगा है।


       विधायक कोठारी ने अपने प्रश्न में कहा कि नगरीय विकास विभाग द्वारा मंत्रिमंडल की आज्ञा के तहत नगर विकास न्यास, भीलवाड़ा की 15 संस्थाओं को 10 प्रतिशत दर पर भूमि आवंटन का निर्णय लिया गया था।


    उन्होंने पूछा है कि क्या उक्त निर्णयों के अनुरूप भूमि आवंटन आदेश जारी किए गए थे, उनकी प्रतियां सदन की मेज पर रखी जाएं।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि  1 सितम्बर 2025 को जारी भूमि आवंटन नीति-2025 के तहत क्या पूर्व में लंबित प्रकरणों का निस्तारण नई नीति के प्रावधानों के अनुसार करने का आदेश दिया गया था। यदि हां, तो संबंधित आदेशों की प्रतियां सदन में प्रस्तुत की जाएं।
    विधायक कोठारी ने सवाल उठाया कि मंत्रिमंडल के निर्णय की पालना में किए गए आवंटन के बावजूद यदि भूमि निरस्त की गई है तो उसका विस्तृत विवरण सदन में रखा जाए। साथ ही उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि क्या पूर्व में प्रस्तुत आवेदन पत्रावलियों के आधार पर संबंधित संस्थाओं को पुनः भूमि आवंटन करने पर विचार किया जा रहा है।


विधायक ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर भूमि आवंटन समाजहित और जनकल्याण से जुड़ा विषय है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक त्रुटि या नीति पर परिवर्तन के कारण आवंटन निरस्त हुए हैं तो सरकार को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


    विधायक अशोक कुमार कोठारी ने सरकार से आग्रह किया की सामाजिक संस्थाओं को पूर्व में आवंटित भूखंड पुरानी नीति से ही आवंटित किए जाए ताकि सरकार के प्रति विभिन्न समाजों में उत्पन्न हो रहे आक्रोश पर विराम लगाया जा सके।