भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
वस्त्रनगरी भीलवाड़ा अब उद्योग और व्यापार के साथ-साथ सनातन संस्कृति के विराट केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाने जा रही है। जिला मुख्यालय स्थित हरि सेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में 19 से 26 फरवरी तक आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा-दान समारोह का भव्य आयोजन होगा। इस दौरान आश्रम में बाल्यकाल से रह रहे तीन ब्रह्मचारी—इन्द्रदेव, सिद्धार्थ और कुनाल—को विधिवत दीक्षा प्रदान की जाएगी।

यह आयोजन आध्यात्मिक दृष्टि से कुंभ सरीखा वातावरण रचेगा, जिसमें देशभर के संत-महात्मा, महामंडलेश्वर और पीठाधीश्वर जुटेंगे।
आश्रम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज ने बताया कि यह आयोजन देश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर किया जा रहा है। उद्देश्य सभी सनातनियों को एक मंच पर लाना है, जहां पंगत, संगत, भाषा और वेशभूषा एक हो। उन्होंने कहा कि सनातन में न जाति है, न पंथ—केवल सनातन है। इसी भावना के अनुरूप यज्ञ में बैठने वाले प्रत्येक यजमान से मात्र एक श्रीफल और एक रुपया दक्षिणा स्वरूप लिया जाएगा तथा सभी श्रद्धालुओं के लिए एक समान वेशभूषा की व्यवस्था आश्रम की ओर से की जाएगी।
राष्ट्रपति–प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण
सनातन मंगल महोत्सव के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण भेजा गया है। साथ ही विदेशों में रहने वाले आश्रम से जुड़े भक्त भी विशेष रूप से आयोजन में भाग लेने पहुंचेंगे। संत समाज से उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरुशरणानंद महाराज (मथुरा), बाबा कल्याणदास महाराज (अमरकंटक), महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज, मलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज सहित सैकड़ों संत-महात्माओं के आगमन की संभावना है। इनके सान्निध्य से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर का सनातन महासंगम बनेगा।

कलश यात्रा से होगी शुरुआत
महोत्सव का शुभारंभ 19 फरवरी को सुबह श्रीमद् भागवत कलश यात्रा से होगा। यह यात्रा संकटमोचन हनुमान मंदिर (पोस्ट ऑफिस के सामने) से प्रारंभ होकर हरि सेवा उदासीन आश्रम पहुंचेगी। यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर चलेंगी और पूरा मार्ग “हरि-हरि” के जयघोष से गूंज उठेगा।
19 से 25 फरवरी तक वृंदावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुंदर पाराशर द्वारा प्रतिदिन श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा। कथा के साथ-साथ पंचकुंडीय श्री विष्णु महायज्ञ, अष्टोत्तर शत भागवत मूल पाठ, अखंड श्रीमद् भगवद्गीता पाठ, रामचरितमानस पाठ, रामनाम संकीर्तन और वेद पारायण जैसे अनुष्ठान होंगे।


शाम को गंगा आरती और रासलीला
प्रतिदिन शाम को काशी तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन होगा। इसके बाद वृंदावन की प्रसिद्ध मंडली द्वारा रासलीला का मंचन किया जाएगा। रासलीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का जीवंत चित्रण होगा, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठेंगे।
25 को शोभायात्रा, 26 को दीक्षा-दान
25 फरवरी को संत-दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें संत-महात्मा रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। पूरा शहर भगवा ध्वजों और पुष्पवर्षा से सजाया जाएगा।
26 फरवरी को विशाल पांडाल में मुख्य दीक्षा-दान समारोह आयोजित होगा। इसमें ब्रह्मचारी इन्द्रदेव, सिद्धार्थ और कुनाल को विधिवत दीक्षा प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर देशभर से आए संत समाज का सान्निध्य और आशीर्वचन प्राप्त होगा।
व्यवस्थाओं को लेकर समितियां गठित
आयोजन को लेकर आश्रम परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भंडारा सेवा, आवास, जल, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भंडारे में सभी के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था रहेगी।

सनातन संस्कृति का संदेश
महंत स्वामी हंसराम उदासीन महाराज ने कहा कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का अभियान है। इसका उद्देश्य समाज में एकता, समरसता और संस्कारों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जब संत समाज, जनसामान्य और शासन एक साथ सनातन के मंच पर आएंगे, तो यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
सनातन मंगल महोत्सव को लेकर शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल है। जगह-जगह बैनर, होर्डिंग और भगवा ध्वज लगाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन भीलवाड़ा को धर्मनगरी के रूप में नई पहचान देगा और सनातन संस्कृति की ज्योति को और प्रखर करेगा।




