*सृष्टि के परम तत्व को जान लेने पर समाप्त हो जाते जन्म-मरण के बंधन- डॉ.पाराशर*
*सनातन मंगल महोत्सव में श्रीमद् भागवत कथा में छाया कृष्ण जन्म का उल्ल्लास, बधाईयों के साथ झुमे श्रद्धालु*
भीलवाड़ा, 22 फरवरी। हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के तत्वावधान में आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के चौथे दिन रविवार को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी वहां पहुंचे ओर श्रीमद भागवत महापुराण कथा श्रवण किया।



देवनानी ने व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का अभिनंदन करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा में राम जन्मोत्सव एवं कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंगों का वाचन किया गया। कृष्ण जन्मोत्सव पर पांडाल में विशेष सजावट की गई थी। देवनानी का हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर पहुंचने पर
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज एवं वहां के संत महात्माओं के साथ सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्वागत किया।




श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास छाया तो मंच से महामंडलेश्वर के साथ विधानसभा अध्यक्ष देवनानी भी बधाईयां बांटते हुए खुशियों में सहभागी बने। देवनानी ने सनातन मंगल महोत्सव को एतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि हम भाग्यशाली है जो भीलवाड़ा में पहली बार ऐसे आयोजन के साक्षी बन रहे है। ऐसे आयोजन से जिस आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति होती है उससे सारे कष्ट ओर तनाव दूर हो जाते है। सनातन को शाश्वत ओर प्राचीनतम धर्म बताते हुए उन्होंने कहा कि ये जीवन जीना सिखाता है। सनातन की यहीं सीख है कि हम अपने जीवन में आचरण में शुद्धता लाए ओर यहीं भाव रखे कि किसी को पीड़ा नहीं पहुंचे ओर सबका भला हो।
हरि शेवा उदासीन आश्रम महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन के सानिध्य में पूरे देश में गौरक्षा, कन्या पूजन आदि माध्यम से सेवा ओर संस्कार का कार्य कर रहा है। देवनानी ने कहा कि आज सारे देश में सनातन की चर्चा हो रही है ओर नया भारत बन रहा है। पूरी दुनिया में भारत की साख बढ़ रही है। भारत को दुनिया की महाशक्ति नहीं महामार्गदर्शक बनाना है।

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने आयोजन के उद्धेश्य एवं इस आठ दिवसीय आयोजन के तहत हो रहे विविध धार्मिक अनुष्ठानों व आयोजनों के बारे में जानकारी दी। कथा में व्यास पीठ से भगवान के नृसिंह अवतार, मोहिनी अवतार,वामन अवतार के साथ राम जन्म, कृष्ण जन्म प्रसंगों का वाचन किया गया। के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने कहा कि जीव का जगदीश्वर से सम्बन्ध जुड़ जाता है तो अज्ञान का आवरण समाप्त होकर सारे बंधन टूट जाते है। भगवान को हम जैसा मानेंगे वह वैसा बन जाएंगे। ये मानने वाले को तय करना है कि वह उसे अपना मित्र या शत्रु क्या मानता है। दानवों ने शत्रु माना तो उनका नाश किया ओर पांडवों ने मित्र माना तो उनका कल्याण किया। उन्होंने कहा कि जगत में छुपे हुए जगन्नाथ रूपी परम तत्व को जो जीव जान लेगा उसके जन्म मरण का बंधन समाप्त हो जाएगा। मनुष्य भव में ही जीव परमात्मा की प्राप्ति कर सकता है। डॉ. व्यास ने भगवान द्वारा भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए खंभा फाड़कर नृसिंह अवतार में प्रकट होकर हिरण्यकश्यप का वध करने की चर्चा करते हुए कहा कि भक्त श्रद्धापूर्वक जहां भी याद करता है परमात्मा उसकी रक्षा के लिए वहां प्रकट हो जाता है। प्रहलाद जैसा पुत्र जिस घर में जन्म लेता है उसकी 21 पीढ़िया तिर जाती है। उन्होंने भगवान के वामन अवतार प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि जो अपने आप को दान कर दे उस बलिदान कहते है ओर राजा बालि जैसा दानी कोई नहीं हुआ। कृष्ण जन्मोत्सव की बधाई देने के साथ ही पांडाल में सैकड़ो श्रद्धालु झूम उठे ओर हर तरफ खुशियां छा गई।


इस दौरान भगवान कृष्ण ओर जयश्री राम के जयकारे गूंजायमान होते रहे। वासुदेव ओर बाल कृष्ण की सजीव झांकी भी सजाई गई। नन्हें कान्हा को व्यास पीठ पर डॉ. पाराशर की गोद में बिठाया गया तो कन्हैया के जयकारे गूंजने लगे। कथा के तीसरे दिवस के विश्राम पर व्यास पीठ की आरती करने वालों में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी, महामंडलेश्वर शरणानंद, श्रीमहंत धर्मेंद्र दास, महंत लक्ष्मण दास त्यागी, महंत सुभाष शाह जम्मू, महंत दामोदर शरण हरिद्वार, महंत स्वरुपदास उदासीन अजमेर, महंत हनुमान राम उदासीन पुष्कर, महंत मोहन दास इंदौर, संत संतदास, महन्त रामदास रामायणी ट्रांसपोर्टनगर, महंत भूमानंद महाराज पंजाब, संत ओम दास, संत हंसदास रीवा, संत स्वरूप दास रीवा, संत संत मायाराम, संत गोविंदराम, संत प्रकाशानंद, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुनाल, सिद्धार्थ, मिहिर, पूर्व महापौर राकेश पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष लादूलाल तेली, सासंद प्रवक्ता विनोद झूरानी के साथ कई संत महात्मा शामिल थे। इनके साथ भीलवाड़ा के विभिन्न समाजों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा मण्डल के पदाधिकारी एवं सदस्यों व श्रद्धालुओं ने आरती की। श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का वाचन 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक हो रहा है। कथा में पांचवे दिन सोमवार को श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा प्रसंग का वाचन होगा। सनातन मंगल महोत्सव में शामिल होने के लिए श्री रैवासा वृन्दावन धाम के श्री अग्रपीठाधीश्वर मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज सोमवार को भीलवाड़ा पहुंचेंगे।
*अनुष्ठानों में वैदिक मंत्रों की गूंज, रासलीला में उमड़ रहे श्रद्धालु*
सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के तहत विश्व कल्याण एवं सर्व मंगल की कामना से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान रविवार को भी जारी रहे। सुबह 8 बजे से वैदिक अग्नि अनुष्ठान पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ, श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी, अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन प्रारंभ हुआ जो शाम तक जारी रहे। काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में विद्धानों द्वारा यज्ञ सम्पादन एवं चारों वेद के मूल पाठ का पारायण हो रहा है। श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल के लीलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन भी प्रतिदिन शाम 7 बजे से हो रहा है। महोत्सव में शाम 6.30 बजे से काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन में शामिल होने के लिए श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ कई श्रद्धालु पहुंच रहे है।

*कथा पांडाल में सुनी पीएम के मन की बात*
श्रीमद् भागवत कथा पांडाल में सुबह 10:40 बजे महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में श्रद्धालुगण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मन की बात’ के 131वें संस्करण का श्रवण किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक अशोक कोठारी भी मौजूद रहे। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मन की बात के माध्यम से देशवासियों के सीधा संवाद कर उन्हें सनातन संस्कृति से जोड़ने का अनुकरणीय कार्य कर रहे है ओर सर्व समावेशी भावना को मजबूत बना रहे है।




