शाहपुरा मूलचन्द पेसवानी
हजरत विलायत अली शाह दरगाह, फूलिया कला में सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को सालाना 34वें उर्स के मुबारक मौके पर आस्था, परंपरा और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर समाज के होनहार विद्यार्थियों, उत्कृष्ट खिलाड़ियों और समाजसेवियों का सम्मान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
अंजुमन कमेटी के पूर्व सदर एवं राजस्थान नर्सेज यूनियन के संयोजक नूर मोहम्मद खान कायमखानी ने जानकारी देते हुए बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं तथा खेल क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त करने वाले युवाओं का ‘नर्सेज न्यूज24’ की ओर से स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। इस गरिमामय समारोह में दरगाह कमेटी के सदर हकीम मोहम्मद नीलगर ने कहा कि बच्चों की यह सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है और आने वाली पीढ़ियों को मेहनत और लगन से आगे बढ़ने का संदेश देती है।
संयोजक नूर मोहम्मद खान ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि तालीम इंसान को केवल काबिल ही नहीं बनाती, बल्कि उसके व्यक्तित्व को भी निखारती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह ताकत है, जो समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है और यही प्रगति का असली मार्ग है। सम्मानित होने वालों में 12वीं कला वर्ग में 94.80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली अफरोज बानू उस्ता (पिता तय्यब अली), विज्ञान वर्ग में 82.80 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले अरमान खान (पिता मरहूम उस्मान गनी) तथा मेहविश खान (पिता नूर मोहम्मद खान) ने 80.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर समाज का नाम रोशन किया। कुल 17 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
खेल क्षेत्र में भी युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। नेशनल हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने वाले एजाज बिसायती तथा स्टेट हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने वाले समीर नीलगर और परवेज मंसूरी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं, समाजसेवी एवं वार्ड पंच गणेश सोनी को भी उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मदीना मस्जिद के पेश इमाम हाफिज मेराज आलम नूरी, आस्ताना फाउंडर तस्वीर आलम, दरगाह कमेटी के कोषाध्यक्ष शकूर मोहम्मद मंसूरी, सेक्रेटरी शहाबुद्दीन उस्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन अमजद मंसूरी, नौशाद मंसूरी और इमरान मंसूरी ने किया। दो दिवसीय उर्स का समापन इस सम्मान समारोह के साथ हुआ, जहां शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा का संदेश हर दिल में उतरता नजर आया।
