20 सेट टेबल स्टूल भेंट कर विद्यार्थियों को दी बेहतर सुविधा की सौगात
कोटड़ी।
मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कोटड़ी पंचायत समिति अंतर्गत ग्राम पंचायत गन्धेरी के ग्राम भेरूखेड़ा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा के क्षेत्र में जनसहयोग की सशक्त परंपरा एक बार फिर देखने को मिली। ग्रामीण परिवेश में शिक्षा के विकास हेतु समाज के भामाशाहों द्वारा किया जा रहा योगदान न केवल प्रेरणादायी है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव को भी मजबूत कर रहा है। इसी प्रेरक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र के ग्राम पंचायत गन्धेरी के जनसेवक, जनहितैषी एवं भामाशाह प्रभुलाल गुर्जर (निवासी बैराडा की झुपड़िया) ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र – छात्राओं की मूलभूत आवश्यकता को समझते हुए 20 सेट टेबल – स्टूल भेंट किए। उनके इस योगदान से विद्यालय में लंबे समय से चली आ रही बैठने की व्यवस्था की समस्या का काफी हद तक समाधान हो गया है, जिससे विद्यार्थियों को अब अधिक सुविधाजनक एवं सम्मानजनक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होगा। ज्ञात हो कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक विद्यालयों में आज भी आधारभूत संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में समाज के सक्षम और जागरूक नागरिकों द्वारा आगे बढ़कर सहयोग करना न केवल शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी प्रबल बनाता है। प्रभुलाल गुर्जर का यह योगदान इसी सोच का सशक्त उदाहरण है। विद्यालय परिसर में इस अवसर पर एक सादगीपूर्ण किन्तु गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भामाशाह प्रभुलाल गुर्जर द्वारा टेबल – स्टूल विद्यालय प्रशासन को औपचारिक रूप से सुपुर्द किए गए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य एवं समस्त विद्यालय स्टाफ ने पारंपरिक तरीके से साफा व माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया तथा अभिनंदन पत्र भेंट कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि आज के समय में जब सरकारी विद्यालय संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे में भामाशाह प्रभुलाल गुर्जर जैसे समाजसेवी व्यक्तित्व किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। उनका यह योगदान न केवल विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह अन्य लोगों को भी समाजहित में आगे आने के लिए प्रेरित करता है। विद्यालय के शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बेहतर बैठने की व्यवस्था से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी, अनुशासन मजबूत होगा और शैक्षणिक परिणामों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रभुलाल गुर्जर लंबे समय से शिक्षा एवं सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। वे केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज के विकास के प्रति अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। इससे पूर्व भी उन्होंने भेरूखेड़ा विद्यालय में एक भव्य सांस्कृतिक मंच का निर्माण करवाया था, जो विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और आयोजनों का केंद्र बना हुआ है। उनका यह निरंतर सहयोग उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामवासियों में भी विशेष उत्साह और खुशी देखने को मिली। सभी ग्रामवासियों ने एक स्वर में कहा कि भामाशाह प्रभुलाल गुर्जर का यह कार्य समाज के लिए अनुकरणीय है। यदि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति इसी प्रकार आगे आकर सहयोग करे, तो ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार संभव है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल विद्यालयों का भौतिक विकास होता है, बल्कि विद्यार्थियों में भी आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार होता है कि समाज उनके साथ खड़ा है। इस अवसर पर भामाशाह प्रभुलाल गुर्जर (ठेकेदार) ने अपने उद्बोधन में कहा कि – शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि हमारे बच्चे शिक्षित होंगे, तो समाज अपने आप प्रगति करेगा। मेरा सदैव प्रयास रहेगा कि मैं शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाता रहूं। भामाशाह प्रभुलाल गुर्जर ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करते रहेंगे। कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय परिवार ने भामाशाह प्रभुलाल गुर्जर के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके इस योगदान को सदैव स्मरणीय बताया। भेरूखेड़ा ग्रामवासियों ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के निरंतर जनसहयोग से उनका विद्यालय आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और क्षेत्र का नाम रोशन करेगा।
