बिजौलिया। आयुर्वेद विभाग बिजौलिया एवं विश्व आयुर्वेद परिषद, चित्तौड़ प्रांत (जिला भीलवाड़ा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय आयुर्वेद अग्निकर्म एवं विद्धकर्म चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह शिविर 28 एवं 29 अप्रैल को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिजौलिया में आयोजित किया गया।
शिविर के दौरान क्षेत्र के बड़ी संख्या में मरीजों ने भाग लेकर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लाभ उठाया। समापन अवसर पर ब्लॉक प्रभारी डॉ. संजय नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में दो दिनों में कुल 154 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ एवं परामर्श प्रदान किया गया।

शिविर में मुख्य रूप से कटिशूल, त्वक रोग, उदर रोग, वार्ट्स, रक्ताल्पता (एनीमिया), अर्श आदि रोगों का आयुर्वेद पद्धति से सफल उपचार एवं निदान किया गया। साथ ही मरीजों को हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, टाइफाइड एवं ब्लड प्रेशर (बीपी) की जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे मरीजों को समग्र स्वास्थ्य लाभ मिला।
शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा नागर एवं डॉ. रिजवाना ख़ान द्वारा महिला रोगों जैसे श्वेत प्रदर, मासिक धर्म अनियमितता, कमजोरी एवं हार्मोनल समस्याओं के संबंध में परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। वहीं विद्धकर्म विशेषज्ञ डॉ. अजय यादव एवं डॉ. संजय नागर द्वारा चेहरे एवं गर्दन के मस्सों का सफल उपचार अग्निकर्म चिकित्सा द्वारा किया गया, जिससे मरीजों को त्वरित लाभ मिला।
शिविर के सफल संचालन में कंपाउंडर रतनलाल, बंशीलाल, सीमा जाट, संजू गुर्जर एवं परिचारक सूर्यभान का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय सहयोग रहा।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से आमजन को आयुर्वेद चिकित्सा के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।
अंत में आयोजकों द्वारा सभी सहयोगियों, चिकित्सकों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया।
