गीता माहेश्वरी के अधिकारों पर उठे सवाल, जल्दबाजी में कार्रवाई पर घिरा शिक्षा विभाग

BHILWARA
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छात्र पिटाई कांड में सीबीईओ की भूमिका पर मचा बवाल, नियमों को दरकिनार करने के आरोप
शाहपुरा, मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा के रामशाला भवन में संचालित एक संस्कृत स्कूल में शुक्रवार को 10वीं कक्षा के छात्र के साथ शिक्षक द्वारा कथित मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना में छात्र की आंख में चोट आई, जिसके बाद उसे पहले शाहपुरा जिला अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद भीलवाड़ा रेफर किया गया। हालांकि भीलवाड़ा के एक निजी अस्पताल में जांच और सोनोग्राफी के बाद उसकी आंख में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई।


जानकारी के अनुसार कक्षा 10 के छात्र सुजल शर्मा (पुत्र हेमराज शर्मा) को सुबह एक शिक्षक ने डंडे से पीट दिया। इस दौरान उसकी आंख में चोट लगने से खून निकलने लगा। स्कूल प्रिंसिपल परमेश्वर जांगिड़ ने तुरंत अभिभावकों को सूचना देकर छात्र को अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और स्कूल प्रबंधन तथा शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान कांग्रेस नगर अध्यक्ष रमेश सेन भी अस्पताल पहुंचे और मामले को राजनीतिक रंग देते हुए छात्र की आंख 70 प्रतिशत खराब होने का दावा किया।
इसी बीच मौके पर पहुंचीं ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी गीता माहेश्वरी ने भी मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए संस्कृत स्कूल की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी। हालांकि इस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि संस्कृत स्कूलों की मान्यता का अधिकार अजमेर स्थित संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी के पास होता है। गीता माहेंश्वरी ने यह भी कहा मोके पर मौजूद प्रभावशाली लोगों के कहने से यह कार्रवाई करनी पड़ी।
शाहपुरा में निवासरत शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय सीबीईओ को इस तरह की अनुशंसा करने का अधिकार नहीं है। बताया जा रहा है कि संबंधित स्कूल शाला दर्पण पोर्टल पर केवल बोर्ड परीक्षाओं और मिड-डे मील योजना के कारण पंजीकृत है, न कि पूर्ण मान्यता के तहत।
बाद में गीता माहेश्वरी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी अरुणा गारू के निर्देश पर की है। वहीं, यह भी सामने आया कि घटना की सूचना देने के बावजूद वे करीब डेढ़ घंटे बाद अस्पताल पहुंचीं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

घटना के बाद शाहपुरा थाने में पीड़ित छात्र के पिता की रिपोर्ट पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने छात्र के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, अधिकार क्षेत्र और स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।