सिंधु संस्कृति की अलख को नई ऊर्जा देने भीलवाड़ा पहुंचेंगे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीर्थाणी और प्रदेशाध्यक्ष वाधवाणी

BHILWARA
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हरीशेवा उदासीन आश्रम में संतों से लेंगे आशीर्वाद, गौरव यात्रा समापन कार्यक्रम पर होगा मार्गदर्शन

भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
सिंधी समाज में संस्कृति, संस्कार और संगठनात्मक मजबूती को लेकर चल रही प्रदेशव्यापी “सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 2026” अब नए उत्साह और व्यापक जनसंपर्क के साथ आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में भारतीय सिंधु सभा एवं भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास की ओर से राजस्थान सिंधी अकादमी के सहयोग से शनिवार 23 मई को भीलवाड़ा में महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें समाज के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी शामिल होंगे।
कार्यक्रम के तहत भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी एवं राजस्थान न्यास के प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल वाधवाणी भीलवाड़ा पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर समाजजनों और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
संभाग प्रभारी वीरूमल पुरसवाणी ने बताया कि शनिवार शाम 5 बजे महानगर के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक आयोजित होगी। बैठक में सिंधी समाज के युवाओं और बच्चों को संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित सिंधी बाल संस्कार शिविर, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद द्वारा संचालित पाठ्यक्रम, सदस्यता अभियान, जनगणना और प्रदेश स्तरीय सिंधी पंचायतों के मुखी सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा केवल एक यात्रा नहीं बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान, भाषा संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त अभियान बन चुकी है। यात्रा के माध्यम से समाज में एकता, संस्कार और संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष परमानन्द गुरनाणी ने बताया कि भीलवाड़ा स्थित हरीशेवा उदासीन सनातन आश्रम में पुरुषोत्तम मास के तहत चल रहे धार्मिक कार्यक्रमों में भी राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी भाग लेंगे। इस दौरान वे महामण्डलेश्वर हंसराम उदासीन एवं महामण्डलेश्वर जगदीश दास उदासीन से रामकथा में सम्मिलित होकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
साथ ही 14 जून को जयपुर में प्रस्तावित सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा के भव्य समापन समारोह को लेकर संतों से मार्गदर्शन भी लिया जाएगा। समाज के पदाधिकारियों का मानना है कि संतों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से यह यात्रा और अधिक प्रभावी एवं प्रेरणादायी बनेगी।
गौरतलब है कि प्रदेशभर में निकाली जा रही सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा को विभिन्न शहरों में समाजजनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यात्रा 24 मई को उदयपुर पहुंचेगी, जहां भी समाज के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। सिंधी समाज की संस्कृति, भाषा और सनातन परंपराओं के संरक्षण का यह अभियान लगातार जनजागरण का स्वरूप लेता जा रहा है।