मां की स्मृति में समाजसेवी महावीर की अनूठी पहल, छात्रावासों को दिए 4.51 लाख रुपये

BHILWARA
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*फोकस भीलवाड़ा न्यूज़ बनेड़ा -परमेश्वर दमामी*

तहसील के भेरूखेड़ा निवासी समाजसेवी महावीर गुर्जर ने अपनी मां के निधन पर सामाजिक सरोकार, सादगी और शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। जहां आज भी समाज में मृत्यु भोज पर अनावश्यक खर्च और दिखावे की परंपरा देखने को मिलती है, वहीं महावीर गुर्जर ने इस अवसर को समाजहित और शिक्षा सेवा से जोड़ते हुए नई मिसाल कायम की।

महावीर गुर्जर ने मृत्युभोज में फिजूलखर्ची से बचते हुए गुर्जर छात्रावास भीलवाड़ा के विकास के लिए 3 लाख 51 हजार रुपये तथा मालपुरा छात्रावास के लिए 1 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान की। उन्होंने यह संदेश दिया कि सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च करने के बजाय शिक्षा, समाज सेवा और जरूरतमंद विद्यार्थियों के हित में योगदान देना अधिक सार्थक है।

उन्होंने मृत्युभोज को भी बेहद सीमित रूप में आयोजित किया तथा समाज में प्रचलित धोवरा प्रथा को बंद रखा। उनके इस निर्णय की समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं ने खुले दिल से सराहना की। समाजजनों का कहना है कि ऐसे कदम सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और नई पीढ़ी को शिक्षा की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद वक्ताओं ने कहा कि महावीर गुर्जर की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे यह संदेश जाता है कि किसी भी पारिवारिक अवसर को समाजहित के कार्यों से जोड़कर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में किया गया सहयोग आने वाले समय में अनेक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर माण्डल विधायक उदयलाल भड़ाना, पूर्व उप प्रधान मनीष गुर्जर, बीएल गुर्जर, मोहनलाल सराधना, चेनुलाल गुर्जर, नारायण भड़ाना, नरेन्द्र गुर्जर, जीवन गुर्जर, सूरजमल गुर्जर, देबीलाल गुर्जर, चांदमल गुर्जर, महादेव चेची, मोहन गुर्जर, सुखदेव गुर्जर, जमाना गुर्जर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने महावीर गुर्जर के इस निर्णय को समाज के लिए अनुकरणीय बताते हुए उनकी सराहना की।