अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, शंभूगढ़ के ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

BHILWARA
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आसींद: पंचायत समिति शंभूगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की चिकित्सा व्यवस्था इन दिनों बदहाल स्थिति में है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय और पशु चिकित्सालय में लंबे समय से चिकित्सकों के पद रिक्त होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस जन-समस्या को लेकर ग्रामीणों ने गुलाबपुरा उपखंड अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा है और जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

25 से अधिक गांवों की जनता हो रही परेशान
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि शंभूगढ़ सहित आसपास के 25 से अधिक गांवों की जनता इन तीनों चिकित्सा संस्थानों पर निर्भर है। लेकिन वर्तमान में तीनों जगह कोई भी स्थायी चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। PHC में MBBS डॉक्टर, आयुर्वेदिक अस्पताल में वैद्य और पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सक का पद लंबे समय से खाली पड़ा है।

इलाज के लिए भटक रहे मरीज और पशुपालक
स्थानीय स्तर पर डॉक्टर न होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को 25 से 30 किलोमीटर दूर गुलाबपुरा या भीलवाड़ा जाना पड़ता है। इससे गरीब मरीजों और पशुपालकों को भारी आर्थिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों और पशुओं में फैलने वाले रोगों के समय ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। इलाज के अभाव में पशुधन का भी भारी नुकसान हो रहा है।

तत्काल नियुक्ति: शंभूगढ़ PHC में MBBS चिकित्सक, आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आयुर्वेद चिकित्सक और पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सक की अविलंब नियुक्ति की जाए।

CHC में क्रमोन्नति: क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में क्रमोन्नत किया जाए।

प्रशासन को सीधी चेतावनी
ज्ञापन के अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी इन मांगों को समय रहते पूरा नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की सम्पूर्ण जिम्मेदारी उपखंड प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते समय स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।