कमलेश गुर्जर प्रकरण की सीआईडी-सीबी जांच की मांग, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन ,

पुलिस पर झूठा मुकदमा दर्ज करने और मारपीट के आरोप, दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग

BHILWARA
Spread the love

हमीरगढ़ (भीलवाड़ा)

अनिल डांगी

हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के बिलियाकला गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 87 की निष्पक्ष जांच सीआईडी-सीबी से कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव निवासी कमलेश उर्फ कम्मु गुर्जर के खिलाफ दर्ज मुकदमा तथ्यात्मक रूप से गलत है तथा संबंधित पुलिसकर्मियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए झूठा प्रकरण दर्ज किया है।

ज्ञापन में बताया गया कि 28 मई की रात करीब 8:40 बजे कमलेश गुर्जर बरडोद चौराहे स्थित देवनारायण मंदिर के पास बैठा था। इसी दौरान डीएसटी टीम वहां पहुंची और उसे अपने साथ ले गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कमलेश को स्वरूपगंज चौकी लाकर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसका पैर टूट गया।



ग्रामीणों का कहना है कि बाद में पुलिस ने अपने बचाव के लिए कमलेश के खिलाफ हमीरगढ़ थाने में एफआईआर संख्या  दर्ज कर दी। पुलिस रिकॉर्ड में दर्शाया गया है कि आरोपी हथियार लेकर जा रहा था और पुलिस को देखकर भागने के दौरान उसका पैर टूट गया, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि चोट पुलिस हिरासत में मारपीट के कारण लगी थी।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि कमलेश को रात 8:40 बजे ही पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया था, तो उसके द्वारा रात 12 बजे के बाद कथित घटना को अंजाम देना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा बरामद बताए गए हथियार से भी कमलेश का कोई संबंध नहीं होने का दावा किया है।

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कई बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने की मांग की है। इनमें बरडोद चौराहा, देवनारायण मंदिर, स्वरूपगंज चौकी और कथित घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों एवं कमलेश की मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच, पुलिसकर्मियों की आमद-रवानगी रजिस्टर की जांच तथा चौकी एवं थाने के सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण शामिल है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा मामले की सीआईडी-सीबी से निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन देते समय बिलियाकला गांव के कई ग्रामीण उपस्थित रहे ।