सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- सवाईपुर क्षेत्र के नवगठित ग्राम पंचायत बलिया खेड़ा में सोमवार दोपहर बाद आए तेज तूफान ने गांव का नक्शा बदलकर रख दिया, गांव में हर तरफ तूफान के जाने के बाद तबाही का मंजर देखने को मिला ।

दूसरे दिन मंगलवार को भी गांव में तूफान की चर्चा के साथ ही लोगों का दर्द जुबान से बयां हो रहा था । गांव के बड़े बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने इस तरह का तूफान पहले कभी नहीं देखा, तूफान ने गांव के किसी भी घर को नहीं छोड़ा, हर घर में कुछ ना कुछ नुकसान हुआ ।

वही ग्रामीणों ने भगवान का शुक्रिया किया कि इतने बड़े तूफान ने इस तरह से तबाही मचाई, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई । ग्रामीण रामेश्वर जाट ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 4 बजे एकाएक आये इस तूफान ने लोगों को संभलने तक का वक्त नहीं दिया और जो भी तूफान की चपेट में आया सबको उड़कर तहस-नहस कर दिया, मंजर इतना भयानक था कि जो जहां था वह वहीं थम गया ।

करीब 10 से 15 मिनट चले इस तेज तूफान ने सब कुछ उजाड़ दिया, वही तूफ़ान के बाद झमाझम बारिश ने और लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी । घरों व पशुओं के बाडों में लगे चद्दर व टीनशेड हवा में ताश के पत्तों की तरह उड़कर एक से डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर गिरे, जिसे सभी चकनाचूर हो गए । वही कई जगहों पर पक्की दीवारों धराशाई हो गई, गांव में लगे विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर जमींदोज हो गई और सोमवार दोपहर बाद से ही गांव में बिजली आपूर्ति बंद है ।

उदयलाल बलाई के नोहरे की दीवार गिरने से बाहर खड़ी एक गाय की दीवार के नीचे दबने से मौत हो गई । गांव में वर्षों पुराने बरगढ़ व नीम के पेड़ के साथ ही खेतों व रास्तों पर पेड़ पौधे टूट कर गिर गए, जिसे गांव में आने के सभी रास्ते बंद हो गए थे, जिनको मंगलवार सुबह जेसीबी मशीन से हटवाकर रास्ते सुचारू करवायें । मंगलवार को ग्रामीण एक दूसरे के यहां जाकर नुकसान देखा और परिवार को ढांढस बंधवा रहे हैं । वही दूर दराज खेतों में पड़े लोहे की चादर व एंगल को संभाल कर वापस घर लेकर आ रहे हैं । एकाएक आए इस तूफान से हुए नुकसान को लेकर पीड़ित परिवार की महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल हो गया । दूसरे दिन ग्रामीण अपने घरों में हुए नुकसान के बाद मलबे को समेटे हुए दिखाई दे रहे हैं, इस तूफान की चपेट में आने से कैलाश वैष्णव, सत्यनारायण वैष्णव, उदा बलाई, बालू वैष्णव, शंकर जाट, नाथ जाट, धन्ना लाल जाट, नारायण जाट, बद्रीलाल जाट, रामप्रसाद जाट, देबी लाल जाट, भैरूलाल जाट, हीरालाल जाट, धनश्याम जाट, रामलाल जाट, रामेश्वर जाट, लादू जाट, मोतीलाल जाट, शंकरलाल जाट, चुन्नी लाल जाट, काली देवी जाट, रामेश्वर जाट, बद्रीलाल बलाई, मिट्ठू लाल जाट, महावीर वैष्णव के साथ ही अन्य दर्जनों घरों में नुकसान हुआ । तूफान से किसी के टीनशैड उठ गए तो किसी की दीवारें ढ़ह गई, तो किसी के मवेशी घायल हो गए जिनका इलाज करवाया जा रहा है । विधवा महिला सीमा देवी सुथार के कमरा व चोक पर लगे सिमेट का चद्दर उड़कर टूट गया, जिस कमरे में रखा सामान भीग दे गया । वही नीला देवी पत्नी महावीर वैष्णव उम्र 40 वर्ष करके अंदर बैठी हुई थी इसी दौरान सीमेंट के चद्दर उड़ने से उसे पर रखा पत्थर नीला देवी के पेड़ पर जाकर गिरा, जिससे वह घायल हो गई, जिसका प्राथमिक उपचार करवाया गया, लेकिन गंभीर चोट होने की चलते मंगलवार को 108 एंबुलेंस की मदद से कोटड़ी चिकित्सालय भेजा गया, वहीं चंता देवी जाट के भी चद्दर की लगने से हाथ पर गहरा गांव हो गया, जिसका प्राथमिक उपचार करवाया ।।
आसपास के गांवों में भी देखा गया तूफान का असर
तूफान ने बलिया खेड़ा के साथ ही गोठड़ा का झोपड़ा गांव में भी ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ यहां भी टीन शेड उड़ने के साथ दीवारें धराशाई हो गई और पेड़ पौधे उखड़ कर नीचे गिर गए । गोठड़ा गांव में रामस्वरूप जाट के घर के ऊपर बनी रसोई के चद्दर उड़ गए, वही भैरुनाथ मंदिर के पास वर्षो पुराना नीम का पेड़ उखड़ गया, इसके नीचे दबाने से एक गाय घायल हो गई और विद्युत पोल टूट गया । ढ़ेलाणा गांव में हरिलाल जाट लोहे के चद्दर व सूरजमल जाट के यहां सीमेंट के चद्दर उड़ गए । सोमवार दोपहर बाद सवाईपुर कस्बे सहित सोपुरा जाटों का, सालरिया, ढ़ेलाणा, बड़ला, बनकाखेड़ा, चावंडिया, ककरोलिया माफी,रेड़वास, गोठड़ा, बलिया खेड़ा, जित्यास, नोहरा, कुड़ी, बोरखेड़ा, बोर्डियास, खजीना, खरेड़, पिथास, सोलंकिया का खेड़ा, कांदा, रुपाहेली आदि कई गांवों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश का दौर चला । इस बारिश से कपास की फसल में फायदा मिलेगा ।
विधायक मीणा व प्रशासनिक अधिकारी ने किया निरीक्षण, ग्रामीणों को बंधाया ढांढस
सवाईपुर क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार दोपहर बाद आए तेज तूफान के चलते बलिया खेड़ा गांव में हुए नुकसान की सुचना मिलने पर जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा, कोटड़ी निवृतमान प्रधान करण सिंह बेलवा, निवृतमान उप जिला प्रमुख शंकर लाल गुर्जर, मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सेन, सीताराम रायका, तहसीलदार श्रीलाल मीणा, जेएन, एएन, गिरदावर मंगलवार सुबह बलिया खेड़ा पहुंचे और गांव में हुए नुकसान का मोका मुआयना किया, वही विधायक मीणा ने पीड़ित ग्रामीणों को ढांढस बधाते हुए उचित मुआवजा दिलाने भरोसा दिया तथा संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि गांव में सर्वे कर नुकसान का आकलन करें, इसके लिए गिरदावर, पटवारी की टीम में गांव में सर्वे कर नुकसान का आकलन कर रही है, वही विद्युत विभाग की टीम क्षतिग्रस्त पोलो व ट्रांसफार्मर को हटाकर दूसरे पोल लग रही है, ताकि गांव में जल्दी ही बिजली आपूर्ति सुचारू हो सके, लाइनमैन गणेश आचार्य ने बताया की इस तूफान से 40 से अधिक विद्युत पोल टूट गए, जिनको बदला जा रहा है, वही छः थ्री फेस व पांच सिंगल फेस की डीपी गिर गई । इस दौरान सवाईपुर चौकी प्रभारी प्यारचंद खटीक मय जाब्ता मौजूद रहे ।।
जिला कलेक्टर से बातचीत कर राजस्व विभाग, उपखंड अधिकारी और तहसीलदारों की टीमों ने शुरू किया
विधायक गोपीचंद मीणा ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे ग्रामीणों ने उन्हें फोन पर इस प्राकृतिक आपदा की जानकारी दी । तूफान इतना भयानक था कि ग्रामीणों के घरों और खेतों में बने टिनशेड उड़ गए, दीवारें ढह गईं और पक्के मकानों में दरारें आ गईं। इसके अलावा, लगभग 50 साल पुराने बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर रास्तों में गिर गए, जिससे खेतों और आवागमन के मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं । कई जगह मवेशियों को भी चोटें आई हैं । विधायक ने कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार, प्रत्येक प्रभावित परिवार को 2 से 5 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है, वहीं एक गरीब किसान का करीब 10 लाख रुपये की लागत का शेड पूरी तरह जमींदोज हो गया । तेज हवाओं के कारण टिनशेड की चद्दरें उड़कर कई किलोमीटर दूर खेतों में जा गिरे । विधायक ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए तत्काल भीलवाड़ा जिला कलेक्टर से बातचीत की और कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग, उपखंड अधिकारी और तहसीलदारों की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है । इसके साथ ही पशुपालन विभाग की टीम भी घायल मवेशियों के उपचार के लिए क्षेत्र में मुस्तैद हो गई है ।
सरकार से पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने का संकल्प
विधायक मीणा ने कहा कि वे इस दुःख की घड़ी में बलियाखेड़ा के हर नागरिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं । उन्होंने जयपुर में आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से भी इस संबंध में विस्तृत चर्चा की है, जिन्होंने उन्हें प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं । विधायक ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनशील है । नुकसान का पूरी तरह सर्वे करवाकर सूची तैयार की जाएगी और आपदा प्रबंधन विभाग को प्रस्ताव भेजकर सभी पीड़ितों को उचित मुआवजा व सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और काश्तकारों द्वारा स्वयं के स्तर पर ऑनलाइन आवेदन के जरिए भी फसल खराबे का उचित मुआवजा दिलवाने के प्रयास किए जाएंगे ।।
