बड़े सरकारी भूखंड के सदुपयोग का सुझाव, पर्यटन और प्रशासनिक सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
बिजोलिया। ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन मंदिरों और विश्व प्रसिद्ध सैंडस्टोन उद्योग के लिए पहचान रखने वाले बिजोलिया में आधुनिक डाक बंगले की आवश्यकता को लेकर आवाज उठने लगी है। बिजोलिया ऊपरमाल पर्यावरण समिति के उपाध्यक्ष शक्ति नारायण शर्मा ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को पत्र भेजकर उपखंड मुख्यालय पर डाक बंगले के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।
शर्मा ने अपने पत्र में कहा कि बिजोलिया प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में राजनीतिक, प्रशासनिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के चलते मंत्रियों, विधायकों, वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का लगातार आवागमन बना रहता है। इसके बावजूद यहां उनके ठहरने के लिए सरकारी स्तर पर समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास उपखंड मुख्यालय पर लगभग 13,550 वर्गमीटर (करीब 6 बीघा) क्षेत्रफल का विशाल भूखंड मौजूद है। इस परिसर में बनी पुरानी इमारतें लगभग सात दशक पुरानी होकर जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं। वर्तमान में यहां विभागीय कार्यालय और गैंगहट संचालित हो रहे हैं, जबकि इतने बड़े भूखंड का उपयोग क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप नहीं हो पा रहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि बिजोलिया में उपखंड कार्यालय, पंचायत समिति, नगर पालिका सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख कार्यालय स्थित हैं। साथ ही यहां का सैंडस्टोन उद्योग राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है, जिससे देश-विदेश के व्यापारी और निवेशक भी लगातार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त डाक बंगले का निर्माण प्रशासनिक, पर्यटन और व्यावसायिक दृष्टि से उपयोगी साबित होगा।
शर्मा ने कहा कि यदि उक्त भूखंड पर डाक बंगला विकसित किया जाता है तो इससे सरकारी मेहमानों, पर्यटकों और अधिकारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से इस मांग पर सकारात्मक विचार कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।
