शाहपुरा -मूलचन्द पेसवानी
“करो योग, रहो निरोग” का संदेश रविवार सुबह शाहपुरा की फिजाओं में कुछ इस तरह गूंजा कि पूरा शहर स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मिक ऊर्जा के रंग में रंगा नजर आया। 12 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नगर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामद्वारा रामकोठी में आयुर्वेद विभाग की ओर से आयोजित ब्लॉक स्तरीय योग कार्यक्रम ने न केवल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि योग आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में संजीवनी बन चुका है। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलन, पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण के साथ किया गया।

सुबह की ताजी हवा, रामकोठी परिसर की आध्यात्मिक आभा और सैकड़ों लोगों की एक साथ चलती श्वास-प्रश्वास की लय३ यह दृश्य शरीर, मन और आत्मा के अद्भुत संगम का प्रतीक बन गया। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्गकृहर वर्ग के लोग पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास करते दिखाई दिए। मानो पूरा शाहपुरा एक स्वर में स्वास्थ्य और संतुलन का संकल्प ले रहा हो।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा उपस्थित रहे। उनके साथ उपखंड अधिकारी सुनील मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, पुलिस उपाधीक्षक ओमप्रकाश विश्नोई, थाना प्रभारी सुरेश शर्मा, नोडल अधिकारी डॉ. नारायण सिंह, सह-नोडल अधिकारी डॉ. दीपिका शर्मा तथा सहायक अधिकारी डॉ. विनीत जैन सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

योग कार्यक्रम की शुरुआत योगाचार्य दारा सिंह के निर्देशन में हुई। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। साथ ही प्रत्येक आसन के लाभ भी सरल शब्दों में बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग शरीर को रोगों से दूर रखता है और तनाव, चिंता तथा मानसिक दबाव जैसी समस्याओं से लड़ने की शक्ति देता है।कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक जीतेन्द्र सिंह, लेखराज पाराशर एवं महिला योग प्रशिक्षक प्रियंका जोशी के कुशल मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने योगासनों, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम एवं ध्यान प्रक्रियाओं का सघन अभ्यास किया। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक व्याधियों को दूर करता है, बल्कि मानसिक शांति के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
सामूहिक योगाभ्यास के दौरान ऐसा लगा मानो पूरा परिसर ऊर्जा से भर उठा हो। हर आसन के साथ प्रतिभागियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और मन में शांति स्पष्ट दिखाई दे रही थी। यह केवल शरीर को लचीला बनाने का अभ्यास नहीं था, बल्कि भीतर की अशांति को शांत कर जीवन में संतुलन स्थापित करने का एक प्रयास था।
अपने संबोधन में विधायक डॉ. बैरवा ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई और कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचारों का जन्म होता है। उन्होंने कहा, “यदि हमें विकसित, समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण करना है तो सबसे पहले स्वयं को स्वस्थ बनाना होगा। योग हमारी प्राचीन धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है।” डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है।
उन्होंने आगे कहा कि योग व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बनाता, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग ही वह साधन है, जो इंसान को भीतर से मजबूत बनाता है और उसे सकारात्मक सोच की ओर अग्रसर करता है।
नोडल अधिकारी डॉ. नारायण सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत है, जो पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का मार्ग दिखा रही है। उन्होंने आयोजन में सहभागिता निभाने वाले सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल , भारत विकास परिषद, वरिष्ठ नागरिक संस्थान, मोनि।ग क्लब, यंग स्पोस्र्टस क्लब तथा रामस्नेही संप्रदाय सहित अनेक सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इन संगठनों के सदस्यों ने अनुशासन, समर्पण और उत्साह के साथ योगाभ्यास कर समाज के सामने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष पंकज सुगंधी, जिलामंत्री राजेंद्र बोहरा, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन कन्हैया लाल धाकड़, सम्मिलित रहे। इस योग महाकुंभ में कुल 1256 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। यह आयोजन शाहपुरा के तीन निर्धारित प्रमुख स्थलों पर एक साथ आयोजित किया गया था, जहाँ नागरिकों ने अनुशासित होकर योग का अभ्यास किया।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता का जनसंदेश बन गया। शाहपुरा की धरती से उठी यह योग चेतना आने वाले समय में निश्चित ही स्वस्थ, सजग और सशक्त समाज की नींव मजबूत करेगी। संदेश स्पष्ट है रोग से बचाव का सबसे सरल, सुलभ और प्रभावी मार्ग योग है। शाहपुरा ने इस संदेश को केवल सुना ही नहीं, बल्कि पूरे मन से अपनाने का संकल्प भी लिया।
