मां की हत्या करने वाले कलयुगी पुत्र को उम्रकैदशाहपुरा कोर्ट का बड़ा फैसला- 26 गवाहों और 32 दस्तावेजों ने खोला हत्या का राज

BHILWARA
Spread the love


शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले एक सनसनीखेज हत्याकांड में शाहपुरा न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अपनी ही मां की हत्या करने वाले कलयुगी पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस फैसले ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के हाथ भले धीमे हों, लेकिन अपराधी को सजा देकर न्याय जरूर करता है।
वर्ष 2023 में ग्राम रहड़, थाना शाहपुरा, में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। अभियुक्त रुस्तम पुत्र मोहम्मद अली ने अपनी मां शाहनाज बानो की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य अपराध के बाद मृतका के भाई मकबूल मोहम्मद ने थाना शाहपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए हत्या का आरोप परिवारजनों पर लगाया था।
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 208/2023 दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मृतका के पुत्र रुस्तम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 34 के तहत आरोप पत्र अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, शाहपुरा न्यायालय में पेश किया। बाद में मामला सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय भेजा गया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने मजबूत पैरवी की। अदालत में 26 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए तथा 32 महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए गए। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि अभियुक्त रुस्तम ही अपनी मां की हत्या का दोषी है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सानिया हाशमी ने अभियुक्त रुस्तम को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा ₹25,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला केवल एक अभियुक्त को सजा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश है ममता और रिश्तों की हत्या करने वालों को कानून किसी कीमत पर बख्शने वाला नहीं है। न्यायालय का यह निर्णय न्यायपालिका की निष्पक्षता और कानून की दृढ़ता का प्रतीक बनकर सामने आया है।