थलकलां शिविर में प्रशासन और जनता का सीधा संवाद, अनेक परिवार हुए लाभान्वित
काछोला। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत थलकलां के पंचायत भवन में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर जनसेवा का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की समस्याएं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सुनकर मौके पर ही उनका समाधान किया। वहीं पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिलने से उनके चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। तहसीलदार शैतान सिंह मीणा ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का समय पर लाभ मिले तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो। नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र मीणा ने कहा कि ऐसे शिविर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं तथा किसी भी समस्या के लिए प्रशासन से संपर्क करें। शिविर प्रभारी राजकुमार व्यास ने कहा कि शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्राप्त प्रकरणों का यथासंभव मौके पर ही निस्तारण किया। उन्होंने बताया कि जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेजा गया है। भाजपा नेता हरीश चौधरी ने मांग रखी कि ग्राम पंचायत थलकलां के सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन पात्र ग्रामीणों के नाम पीएम आवास योजना की सूची से कट गए हैं, उन्हें पुनः सूची में जोड़कर योजना का लाभ दिलाया जाए। शिविर में तहसीलदार शैतान सिंह मीणा, नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र मीणा, शिविर प्रभारी राजकुमार व्यास, सरपंच धर्मचंद संचेती, ग्राम पंचायत सचिव शुभम जैन, गिरदावर प्रकाश मूंदड़ा, पटवारी सना खानम, जीएसएस व्यवस्थापक प्रेमशंकर शर्मा, सह व्यवस्थापक नरेंद्र सिंह कानावत, भाजपा नेता हरीश चौधरी, घीसुलाल गुर्जर, श्यामलाल कहार, पूर्व उपसरपंच रोशन जाट, लादूदास वैष्णव, मनोज संचेती, घनश्याम पाराशर, नंदलाल गुर्जर, ओमप्रकाश गुर्जर सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के दौरान पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण किया गया। कई जरूरतमंदों की वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान हुआ तो अनेक लोगों के आवेदन मौके पर ही स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई। सहकारिता विभाग ने 8 किसानों को माइक्रो एटीएम के माध्यम से अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराया। चिकित्सा विभाग ने 235 लोगों की एनसीडी एवं टीबी स्क्रीनिंग, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन तथा आयुष्मान कार्ड वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने तीन रुकी हुई पेंशन पुनः प्रारंभ करवाई तथा पालनहार योजना का आवेदन स्वीकार किया। ऊर्जा विभाग ने प्राप्त 7 शिकायतों में से 6 का तत्काल समाधान किया, जबकि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल विभाग ने तीन खराब हैंडपंपों को मौके पर ही ठीक कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई। महिला अधिकारिता एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिलाओं के आवेदन लेकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया। पशुपालन विभाग ने 25 मंगला पशु बीमा पंजीकरण, 71 बीमा पॉलिसियों का वितरण, 850 पशुओं का छिड़काव एवं कृमिनाशक दवा वितरण तथा 100 पशुओं का टीकाकरण कर पशुपालकों को राहत प्रदान की। कृषि विभाग ने कृषि यंत्र, पाइपलाइन एवं तारबंदी सहित विभिन्न योजनाओं के आवेदन लेकर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा परिवहन विभाग ने वरिष्ठ नागरिक यात्रा कार्ड बनाए, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ई केवाईसी एवं राशन कार्ड संबंधी कार्य किए, राजस्व विभाग ने नाम शुद्धिकरण, बंटवारा, रास्ता खुलासा एवं लघु सीमांत किसान प्रमाण पत्र जारी किए। होम्योपैथिक एवं आयुर्वेद विभाग ने सैकड़ों लोगों को निःशुल्क औषधियां वितरित कीं। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए, पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित किए तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के नए आवेदन स्वीकार किए। ग्राम पंचायत सचिव शुभम जैन ने ग्रामीणों को विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देकर अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। हालांकि, ग्रामीणों ने यह भी निराशा जताई कि सार्वजनिक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, जल संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के अधिकारी शिविर में उपस्थित नहीं रहे, जिससे इन विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे सेवा शिविर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव और प्रशासन के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी हैं। जब अधिकारी गांव की चौपाल तक पहुंचकर समस्याएं सुनते और उनका समाधान करते हैं, तब शासन की योजनाएं वास्तव में आमजन के जीवन में बदलाव का माध्यम बनती हैं।
