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देवडूंगरी मंदिर परिसर को लेकर बढ़ा विवाद: दोनों पक्ष पहुंचे प्रशासन की शरण, सौंपे अलग-अलग ज्ञापन



बिजौलिया । कस्बे के देवडूंगरी स्थित धार्मिक स्थल को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। मंदिर निर्माण और भूमि के अधिकार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर समस्त ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर निर्माण में बाधा डालने, धमकी देने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर देवनारायण गुर्जर सेवा संस्थान, देवडूंगरी बिजौलिया ने उपखण्ड अधिकारी स्वाति झा को ज्ञापन देकर मंदिर परिसर में कथित अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने और यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है।

ग्रामवासियों के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि देवडूंगरी स्थित बक्यांराणी माता के प्राचीन मंदिर पर वर्षों से क्षेत्र के लोग पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार 21 जुलाई को मंदिर निर्माण का मुहूर्त निर्धारित किया गया है, लेकिन 18 जुलाई की शाम कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध किया, जमीन पर अपना अधिकार जताया और निर्माण शुरू होने पर तोड़फोड़ तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। ज्ञापन में प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि संबंधित भूमि सार्वजनिक उपयोग, पार्क और पौधरोपण के लिए आवंटित है तथा वर्तमान में नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में आती है। उनका कहना है कि वहां पहले से देवनारायण भगवान, बजरंग बली, मासीदेवी और बक्यांराणी माता के मंदिर मौजूद हैं, जो सभी समाज के लोगों की आस्था के केंद्र हैं।

वहीं, देवनारायण गुर्जर सेवा संस्थान ने अपने ज्ञापन में कहा है कि देवडूंगरी स्थित भगवान श्री देवनारायण मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल है, जिसकी देखरेख और पूजा-अर्चना वर्षों से गुर्जर समाज करता आ रहा है। संस्थान का आरोप है कि मंदिर परिसर की “बनी” में कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध निर्माण का प्रयास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक स्थल की गरिमा और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।

संस्थान ने प्रशासन से मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के निर्माण पर तत्काल रोक लगाने, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या अवैध निर्माण को रोकने के लिए स्थायी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे और आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखी हैं। मामले को देखते हुए प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है इसके बाद ही आगे की स्थिति सामने आएगी ।

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