चार राज्यों का सफर तय कर पहुंचेंगे
गंगापुर (मुकेश गुर्जर)क्षेत्र के पोटलां। आस्था, भक्ति और अटूट संकल्प का एक अनूठा और साहसिक उदाहरण पेश करते हुए राजस्थान के पोटलां कस्बे के दो युवा, रोहित गवारिया और हर्षित खोईवाल, इस वर्ष एक अत्यंत कठिन और प्रेरणादायक कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े हैं। ये दोनों शिव भक्त उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल भरकर लगभग 821 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा तय करते हुए अपने गृह क्षेत्र पोटलां पहुंचेंगे और वहां स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
चार राज्यों से होकर गुजरेगी आस्था की यह यात्रा
रोहित और हर्षित की यह पदयात्रा सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की एक बड़ी परीक्षा है। हरिद्वार से शुरू होकर यह यात्रा चार प्रमुख राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा—की लंबी और व्यस्त सीमाओं को पार करते हुए अंततः राजस्थान में प्रवेश करेगी।
लगभग 821 किलोमीटर का यह सफर तय करने में कई सप्ताह की कड़ी मेहनत, हर मौसम की चुनौतियों का सामना और अटूट विश्वास की आवश्यकता होती है। रास्ते में आने वाले महानगरों, ग्रामीण इलाकों, राष्ट्रीय राजमार्गों और भीड़भाड़ वाले रास्तों से गुजरते हुए दोनों कांवड़िए “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
कठिनाइयों के बीच अडिग हौसला
कड़ी धूप, बरसात, रातों का सफर और पैरों में छाले पड़ने जैसी तमाम शारीरिक पीड़ाओं के बावजूद रोहित गवारिया और हर्षित खोईवाल के कदम जरा भी नहीं डगमगा रहे हैं। उनका यह सफर इस बात का प्रमाण है कि भगवान शिव के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा हो, तो कोई भी दूरी और कठिनाई बड़ी नहीं होती।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर अन्य शिव भक्तों और स्थानीय नागरिकों द्वारा दोनों कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया जा रहा है, जिससे उनका उत्साह और अधिक बढ़ रहा है।
पोटलां के महादेव मंदिर में होगा भव्य जलाभिषेक
हजारों किलोमीटर का सफर तय करने के बाद जब यह यात्रा राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर पोटलां पहुंचेगी, तो पूरे कस्बे में एक उत्सव का माहौल होगा। पोटलां स्थित प्रसिद्ध महादेव मंदिर में पहुंचकर रोहित और हर्षित विधि-विधान से भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। इस दौरान वे क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और भाईचारे की कामना करेंगे।
इन दोनों युवाओं का यह साहसिक कदम न केवल पोटलां बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गया है, जो यह साबित करता है कि संकल्प शक्ति से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
