पोटलां में आज़ादी के जश्न का अनूठा रंग: सांवलियाजी और नागेश्वर महादेव मंदिरों में प्राकृतिक फूलों से हुआ भव्य ‘तिरंगा श्रृंगार

BHILWARA
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पोटलां। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पोटलां क्षेत्र में देशभक्ति और आस्था का एक अनूठा और मनमोहक संगम देखने को मिला। क्षेत्र के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर और नागेश्वर महादेव मंदिर को देश की आन, बान और शान के प्रतीक तिरंगे के रंगों में विशेष रूप से सजाया गया। भगवान के इस अलौकिक और देशभक्ति से ओत-प्रोत श्रृंगार ने हर देखने वाले का मन मोह लिया।



प्राकृतिक फूलों से सजाई गई तिरंगे की शान

नागेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के शिवलिंग का विशेष श्रृंगार प्राकृतिक और जीवंत फूलों व पत्तियों के माध्यम से तिरंगे के रूप में किया गया:
“केसरिया रंग:” मंदिर परिसर और पीठिका के ऊपरी हिस्से में ताजे व सुगंधित केसरिया गेंदे के फूलों से अद्भुत सजावट की गई।


“सफेद रंग:” बीच के हिस्से में शुद्ध सफेद फूलों (जैसे सफेद कनेर और अन्य स्थानीय पुष्पों) का उपयोग किया गया।
“हरा रंग”: नीचे की ओर हरी पत्तियों, बेलपत्र और प्रकृति की हरियाली को समेटे हुए सजावट की गई।
“शिखर श्रृंगार” शिवलिंग के शीर्ष पर तिरंगे पट्टे और वस्त्रों से अत्यंत कलात्मक तरीके से श्रृंगार किया गया, जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज की याद दिला रहा था।
भक्तों में दिखा भारी उत्साह

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सुबह से ही दोनों मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। जैसे ही श्रद्धालुओं ने भगवान के इस तिरंगा स्वरूप के दर्शन किए, पूरा परिसर भारत माता की जय” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय पर्व का यह मेल समाज में देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करता है।