टिकट की दौड़ में भाजपा-कांग्रेस के दावेदार सक्रिय, कई चेहरे खुद को वाइस चेयरमैन की रेस में मानकर कर रहे तैयारियां
बिजौलिया – शुभम जैन । नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही बिजौलिया में राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में पार्षद पद के टिकट के लिए दावेदारों की लंबी कतार नजर आने लगी है। वार्डों में संभावित प्रत्याशी जनसंपर्क बढ़ाने के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक अपनी दावेदारी पहुंचाने में जुट गए हैं।
चुनावी माहौल के बीच अब सिर्फ पार्षद पद ही नहीं, बल्कि वाइस चेयरमैन की कुर्सी को लेकर भी अंदरखाने सियासी तैयारियां तेज हो गई हैं। कई संभावित दावेदार अभी से अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। खास बात यह है कि कुछ चेहरे तो खुद को संभावित वाइस चेयरमैन के रूप में देखने और दिखाने भी लगे हैं।
महिला अनारक्षित सीट से बढ़ी महिला दावेदारों की सक्रियता
बिजौलिया नगर पालिका में महिला अनारक्षित सीट आने के बाद चुनावी समीकरणों में एक नया रंग जुड़ गया है। इस आरक्षण के बाद महिला दावेदारों में भी चुनाव लड़ने को लेकर उत्साह बढ़ा है। कई महिलाएं वार्ड स्तर पर जनसंपर्क और सामाजिक गतिविधियों के जरिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की तैयारियों में जुट गई हैं। ऐसे में इस बार चुनाव मैदान में महिला चेहरों की सक्रिय भूमिका देखने को मिल सकती है।
टिकट से पहले ही वाइस चेयरमैन की दौड़!
बिजौलिया की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि कौन सा चेहरा पार्षद का टिकट हासिल करेगा और चुनाव जीतने के बाद किसके पास वाइस चेयरमैन की कुर्सी तक पहुंचने की ताकत होगी। संभावित दावेदार अपने-अपने समर्थकों को लामबंद करने, पार्षद प्रत्याशियों के साथ तालमेल बैठाने और राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
भाजपा-कांग्रेस में टिकट को लेकर मंथन
भाजपा और कांग्रेस दोनों में प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन का दौर चल रहा है। दावेदार अपने सामाजिक समीकरण, जनसंपर्क और पार्टी में सक्रियता के आधार पर टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं कई वार्डों में एक ही पार्टी से कई दावेदार सामने आने के कारण टिकट का फैसला दोनों दलों के लिए आसान नहीं माना जा रहा।
किसके सिर सजेगा ताज, किसका सपना होगा साकार?
चुनाव से पहले ही बिजौलिया की सियासत में पार्षद से लेकर वाइस चेयरमैन तक की कुर्सी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। महिला अनारक्षित सीट के चलते महिला दावेदारों की बढ़ती सक्रियता ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। अब असली तस्वीर टिकट वितरण और चुनाव परिणाम के बाद ही साफ होगी।
फिलहाल बिजौलिया में सवाल एक ही है किसे मिलेगा पार्टी का टिकट, कौन बनेगा पार्षद और आखिर किसके सिर सजेगा वाइस चेयरमैन का ताज? आने वाले दिनों में टिकटों की घोषणा के साथ बिजौलिया की सियासी तस्वीर और भी रोचक होने वाली है।
