मुख्य बाजार में फिर जली पटाखा विवाद की चिंगारी ,38 हजार में बिजली सजावट का सौदा, नियमों की उड़ती धज्जियां

BHILWARA
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दीपावली से पहले बिजोलिया के सबसे भीड़भाड़ वाले मार्ग पर अवैध दुकानों की तैयारियां तेज, पालिका के आदेश ठंडे बस्ते में

बिजोलिया। दीपावली नजदीक है और नगर के बाजारों में रौनक लौट आई है, लेकिन इसी रौनक के बीच पटाखा बिक्री को लेकर फिर विवाद की चिंगारी सुलग उठी है। बिजोलिया नगर के तेजाजी चौक से पंचायत चौक तक का मुख्य मार्ग, जो हर साल भीड़भाड़ और आगजनी के खतरे के कारण संवेदनशील माना जाता है, इस बार फिर चर्चा में है।

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सूत्रों के अनुसार, इस मार्ग पर अवैध रूप से पटाखा दुकानों की तैयारी जोरों पर है, जबकि प्रशासन ने इस बार भी स्पष्ट लिखित निर्देश दिए हैं कि पटाखों की बिक्री केवल छोटा खेल मैदान में ही की जाएगी।


38 हजार में सजावट के बहाने अनुमति की कोशिश ।

जानकारी में सामने आया है कि कुछ पटाखा व्यापारी गुपचुप समझौते की राह पर हैं। बताया जा रहा है कि मुख्य बाजार में विद्युत सजावट और रोशनी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी लगभग 38 हज़ार रुपए में तय की गई है। इसके बदले दुकानदार बाजार के बीच पटाखा दुकानें लगाने की अनुमति पाने की कोशिश में हैं।
इस कथित समझौते में क्षेत्र के कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

18 को मिला लाइसेंस, बाकी कर रहे अवैध बिक्री ।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि इस बार नगर में 18 पटाखा व्यापारियों को वैध लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिन्हें केवल छोटा खेल मैदान पर व्यवसाय करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर कार्यालय के आदेश में भी यही स्थल अधिकृत रूप से तय किया गया है। इसके बावजूद, मुख्य बाजार में कुछ दुकानदारों ने पहले से ही गुपचुप तरीके से पटाखा बिक्री शुरू कर दी है, जबकि करीब एक दर्जन अन्य व्यापारी बिना लाइसेंस के कारोबार कर रहे हैं।

पुराना हादसा, पर सबक नहीं

गौरतलब है कि 2023 में भी इसी इलाके में फल-फ्रूट की दुकान पर पटाखे बेचने के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया था। आग की चपेट में आने से कई सामान जल गए थे। बावजूद इसके, इस साल फिर वही गलती दोहराई जा रही है।

पटाखा बिक्री के लिए खुला मैदान आवश्यक लेकिन जमीनी हकीकत अलग ।

नगर पालिका ने पटाखा बिक्री को लेकर कड़ी शर्तें जारी की हैं, जिनमें स्पष्ट कहा गया है कि भीड़भाड़ वाले और विद्युत सजावट वाले क्षेत्रों में पटाखा दुकानें नहीं लगाई जाएंगी।
हालांकि, मुख्य मार्ग की स्थिति को देखते हुए इन शर्तों की पालना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां चारों ओर बिजली की झालरें, कपड़ा दुकानें , प्लास्टिक , क्रॉकरी, किराना , सब्जी मंडी , हस्त उद्योग की दुकानें , लाइटें और भीड़भाड़ रहती है, वहां पटाखे बेचना जनता की जान से खिलवाड़ है।

जनता में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल

नगरवासियों का कहना है कि हर साल चेतावनी के बावजूद वही गलती दोहराई जाती है। दीपावली जैसे त्योहार पर जहां खुशियों की रोशनी होनी चाहिए, वहीं अब लापरवाही की चिंगारी खतरे का कारण बन रही है।
अब सवाल यह है कि क्या इस बार प्रशासन सख्ती दिखाएगा या फिर त्योहार की चमक में सुरक्षा नियम फिर धुंधले पड़ जाएंगे।

इनका कहना है —

पटाखा व्यापारियों को केवल छोटा खेल मैदान पर दुकान लगाने की अनुमति दी गई है। मुख्य बाजार में अवैध रूप से दुकान लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अजीत सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी, बिजोलिया

भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखा बिक्री की अनुमति नहीं दी जाती। सभी वैध दुकानों को खुले मैदानों में स्थानांतरित किया गया है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को सूचित कर कार्रवाई की जाएगी।

पंकज कुमार मंगल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बिजोलिया