बिजौलिया। रमेश गुर्जर
उपखण्ड क्षेत्र की समस्त चारागाह (गोचर) भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराने, उनका सीमांकन कर संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग को लेकर समस्त गौसेवक एवं क्षेत्रवासियों ने बुधवार को उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि उपखण्ड क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के अधीन आने वाली चारागाह भूमियों पर भूमाफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे गौवंश सहित अन्य मवेशियों के लिए चराई की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। चारागाह सिमटने के कारण गौशालाओं में रह रही गायें भी स्वतंत्र रूप से विचरण नहीं कर पा रही हैं, जिससे पशुपालन और ग्रामीण जीवन प्रभावित हो रहा है।

गौसेवकों ने ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2011 के जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य सरकार प्रकरण का हवाला देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्य सरकारों को चारागाह भूमि से अवैध कब्जे हटाने तथा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को नियमित नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
गौ सेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों की चारागाह भूमियों का शीघ्र सीमांकन कराया जाए, अतिक्रमण हटवाकर उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में पुनः अतिक्रमण न हो, इसके लिए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
