आसींद
नेशनल हाईवे निर्माण के बीच नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने एक बुजुर्ग छोटे व्यापारी की कमर तोड़ कर रख दी है। आसींद क्षेत्र के भंवर लाल रेगर, जो पिछले 25 वर्षों से किराने की दुकान चलाकर अपना परिवार पाल रहे हैं, अब अपनी ही बची-कुची जमीन के उपयोग के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
क्या है पूरा मामला?
नेशनल हाईवे के 100 फीट चौड़ीकरण के दौरान भंवर लाल की दुकान का बड़ा हिस्सा हाईवे की जद में आ गया। ROW (Right of Way) के निशान लगने के बाद अब उनके पास मात्र 5×5 फीट की बेहद कम जमीन बची है। इसी सीमित जगह पर वे फिर से दुकान खड़ी कर अपना गुजर-बसर करना चाहते हैं, लेकिन अब ने एच आई ने ठीक उसी जगह पर ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्य समस्याएं जो सामने आ रही हैं:पहुंच मार्ग बंद: यदि ट्रांसफार्मर वहां लग जाता है, तो दुकान के अंदर जाने का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगा। मात्र 5 फीट की जगह में ट्रांसफार्मर के इतने करीब बैठना जानलेवा साबित हो सकता है।

परिवार चलाने का एकमात्र साधन होने के कारण, दुकान बंद होने से बुजुर्ग व्यापारी के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा पीड़ित की गुहार


“मैं बुजुर्ग हूँ और इसी दुकान से मेरा घर चलता है। हाईवे में जमीन जाने के बाद अब जो थोड़ी सी जगह बची है, वहां विभाग ट्रांसफार्मर लगा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो मैं दुकान कैसे खोलूंगा? मेरी जिला कलेक्टर और एसडीएम महोदय से विनती है कि मौके की जांच कर इस ट्रांसफार्मर को अन्यत्र शिफ्ट किया जाए।”
— भंवर लाल रेगर, पीड़ित दुकानदार














