बिजौलियां (रमेश गुर्जर )। श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ तपोदय तीर्थ क्षेत्र में पूज्य ज्येष्ठ-श्रेष्ठ निर्यापक मुनि योग सागर जी महाराज संसंघ का प्रातःकालीन बेला में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ। संघ नाला का माताजी से विहार करते हुए तपोदय तीर्थ क्षेत्र पहुंचा, जहां भावपूर्ण वातावरण में भव्य अगवानी की गई।
तीर्थ पर विराजमान मुनि वैराग्य सागर एवं मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने ज्येष्ठ निर्यापक मुनि श्री योगसागर जी महाराज की अगवानी की। संतों के इस मंगल मिलन के दृश्य ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। मुनि संघ में कुल 12 दिगंबर मुनि संत शामिल हैं।


इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ तपोदय तीर्थ क्षेत्र कमेटी, सकल दिगंबर जैन समाज बिजौलियां एवं मेवाड़ प्रांत सहित आसपास के क्षेत्रों—सिंगोली, ठुकराई, बोराव, बूंदी, कोटा, आरोली, सलावटिया, छोटी बिजौलियां, चांदजी की खेड़ी, झांतला, महुवा, मानपुरा, बेगूं और लाम्बाखोह से पहुंचे साधर्मीजन बने।
मंगल प्रवेश के पश्चात धार्मिक देशना का आयोजन हुआ। महिला मंडल द्वारा आचार्य विद्यासागर जी महाराज की पूजन की गई। दीप प्रज्वलन, चित्र अनावरण एवं शास्त्र भेंट के कार्यक्रम संपन्न हुए। तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष श्री लाभचंद जी पटवारी के नेतृत्व में मुनि संघ से आगामी 7 मार्च को आयोजित वार्षिक मेले में सानिध्य प्रदान करने का निवेदन किया गया।

इस अवसर पर पूज्य मुनि सुप्रभ सागर जी ने धार्मिक उपदेश दिया, वहीं निर्यापक ज्येष्ठ-श्रेष्ठ मुनि योगसागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रावक समाज को धर्म मार्ग पर दृढ़ रहने का संदेश दिया।
इसके पश्चात तीर्थ क्षेत्र पर मुनि संघ की आहारचर्या आयोजित हुई। अनेक परिवारों द्वारा चौके लगाए गए और पढ़गाहन के पावन क्षणों ने वातावरण को पूर्णतः धर्ममय बना दिया। निर्यापक मुनिश्री योगसागर जी महाराज की आहारचर्या का पुण्यार्जन श्री सुरेंद्र कुमार जी, विकास कुमार जी, विवेक जी, विशाल जी, विनीत जी हरसौरा परिवार को प्राप्त हुआ।
मुनि श्री के प्रवास के दौरान प्रतिदिन बड़े बाबा मंदिर में शांतिधारा, धार्मिक उपदेश, आहारचर्या एवं सायंकाल आचार्य भक्ति का आयोजन किया जाएगा।
यह ऐतिहासिक मंगल प्रवेश और संतों का पावन मिलन दिगंबर जैन श्रमण परंपरा के स्वर्णिम पलों में सदैव स्मरणीय रहेगा।

