मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने विधानसभा में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को घेरा; मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के ‘कायाकल्प’ को सराहा

BHILWARA
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जयपुर/मांडलगढ़,
मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री गोपाल खंडेलवाल (शर्मा) ने आज राजस्थान विधानसभा में बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सदन में तथ्यों के साथ यह बात रखी कि कैसे मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान भाजपा सरकार राजस्थान का चहुंमुखी विकास और बिजली-पानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ‘कायाकल्प’ कर रही है।
पूर्ववर्ती सरकार पर तीखे प्रहार: ‘केवल घोषणाएं, धरातल पर शून्य’
विधायक खंडेलवाल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछला कार्यकाल केवल ‘लोक-लुभावन’ घोषणाओं और ‘जादूगरी’ तक सीमित था। उन्होंने कहा:
वित्तीय कुप्रबंधन: पूर्ववर्ती सरकार की गलत नीतियों के कारण विद्युत वितरण कंपनियों पर ₹90,000 करोड़ से अधिक का संचित घाटा हो गया।


अधूरी योजनाएं: घोषणाएं तो बहुत हुईं, लेकिन न तो तार थे, न ट्रांसफार्मर और न ही वित्तीय प्रावधान, जिससे आम जनता और किसान केवल गुमराह होते रहे।
भ्रष्टाचार और लापरवाही: उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल तक विपक्ष की जायज मांगों को अनसुना किया गया और विकास के नाम पर केवल आंकड़ों की बाजीगरी की गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हो रहा ऐतिहासिक बदलाव
विधायक ने वर्तमान बजट (2026-27) को राजस्थान के भविष्य का रोडमैप बताते हुए भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं:
ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेश: ऊर्जा विभाग के बजट में 39% की ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए इसे ₹34,500 करोड़ किया गया है।
किसानों को संबल: किसानों के लिए 100 यूनिट मुफ्त बिजली का प्रावधान जारी रखते हुए ₹3,700 करोड़ की सब्सिडी सुनिश्चित की गई है।
आत्मनिर्भर राजस्थान: 2026-27 तक बिजली उत्पादन क्षमता को 32,000 मेगावाट तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अक्षय ऊर्जा (Solar & Wind) की बड़ी भूमिका होगी।
ढांचागत सुधार: स्मार्ट मीटरिंग और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के लिए ₹8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो राजस्थान को ऊर्जा हब बनाएगा।


मांडलगढ़ के लिए मिली सौगातें
खंडेलवाल ने मांडलगढ़ क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने बताया कि:
क्षेत्र की पुरानी मांग को पूरा करते हुए 132 KV और 33 KV के नए ग्रिड स्टेशनों की स्वीकृति दी गई है, जिनका कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
उन्होंने सदन के माध्यम से आबादी क्षेत्रों और स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली लाइनों को तुरंत हटाने की भी मांग रखी।
निष्कर्ष: ‘नव-राजस्थान का उदय’
संबोधन के अंत में विधायक ने काव्य पंक्तियों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अटूट विजन की प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह सरकार ‘कथनी और करनी’ में भेद नहीं करती और हर वर्ग—किसान, युवा, महिला और मजदूर—के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।