बड़लियास ( रोशन वैष्णव)| बरूंदनी
कस्बे में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा पंडाल में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथावाचक कमल किशोर शास्त्री ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए भीष्म पितामह द्वारा पांडवों को दिए गए धर्म और नीति के उपदेशों का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महाभारत युद्ध के बाद शर-शैया पर लेटे भीष्म पितामह ने पांडवों को जीवन, धर्म और राजधर्म से जुड़े महत्वपूर्ण उपदेश दिए, जो आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं।


कथा के दौरान बताया गया कि पाँचों पांडव—युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई। साथ ही लोभ, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सेवा, दया और परोपकार का जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
कथा पंडाल में प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भजनों की मधुर धुनों पर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे और पूरे वातावरण में भक्ति की गूंज सुनाई दी।

इस अवसर पर मुख्य यजमान ओम शंकर व लंकेश कुमार सारस्वत ने परिवार सहित पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में मोतीलाल सारस्वत, महावीर वैष्णव, सांवरमल सारस्वत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा में मूल पाठ राधेश्याम व नरेंद्र ओझा द्वारा किया गया। अंत में श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती में भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
