श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गणगौर पर्व, महिलाओं ने की सुख-समृद्धि की कामना
नवविवाहिताओं और महिलाओं ने ईशर-गणगौर की पूजा कर मांगी अखंड सौभाग्य की दुआ
बिजोलिया । नरेश धाकड़
नगर में गणगौर का पर्व बड़ी श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान नवविवाहिताओं सहित महिलाओं ने गणगौर और ईशर की पूजा-अर्चना कर अपने सुहाग की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
कस्बे की चित्तोड़ा गली, रजवाड़ा भवन और भेरूजी की गली में सुबह से ही महिलाओं का तांता लगना शुरू हो गया। विभिन्न स्थानों पर गणगौर-ईशर के साथ पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमाएं स्थापित की गईं।
विवाहित महिलाओं ने सुहाग की प्रतीक वस्तुएं गणगौर को अर्पित कीं और पारंपरिक गीतों के साथ पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर महिलाओं ने
“गौर ए गणगौर माता खोल किवाड़ी, रामा के टिकी कान्हा के फूला, ईशर जी को सोहे पीली पगड़ी, गौरां बाई ने चुंदड़ली रो चाव”
जैसे लोकगीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
पूरे कस्बे में गणगौर पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा और महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर अपने परिवार की खुशहाली की कामना की।
