भीलवाड़ा । “हम जब घर पर बच्चे का पहला जन्मदिन मनाते हैं तो बहुत उत्साह होता है, लेकिन धीरे-धीरे वह कम होने लगता है। इसके विपरीत, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म साढे पांच हजार साल पहले हुआ था, लेकिन आज भी उनका जन्मोत्सव ऐसे मनाया जाता है जैसे कल ही उनका जन्म हुआ हो।” यह मर्मस्पर्शी विचार जोधपुर के गोवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज ने माधव गौशाला के विशाल कथा पांडाल में आयोजित ‘भागवत समरसता महोत्सव’ के चौथे दिन व्यक्त किए।

परम पूज्य माधव को विज्ञान अनुसंधान संस्थान और श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में आयोजित महोत्सव में महाराज श्री ने वर्तमान जीवनशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि आजकल लोग केवल तारीखों के आधार पर जन्मदिन मनाते हैं और ‘हैप्पी बर्थडे टू यू’ तक सीमित रह जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें तिथि के अनुसार जन्मदिन मनाना चाहिए, क्योंकि उस विशेष तिथि पर हमारे ग्रह, नक्षत्र और ऋषि हमें आशीर्वाद देने आते हैं। यदि हम बुजुर्गों को उत्सव से दूर रखेंगे और केवल हमउम्र लोगों के साथ जश्न मनाएंगे, तो हम उनके अनुभव और आशीष से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि जन्मदिन पर उपहारों के बजाय आशीर्वाद को प्राथमिकता दें और गौशाला जाकर सेवा करें।
*श्री कृष्ण जन्म प्रसंग ने मोह लिया हजारों श्रद्धालुओं का मन*
कथा के दौरान जब श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, तो समूचा पांडाल गोकुल के रंग में रंग गया। संस्थान के अध्यक्ष डी.पी. अग्रवाल एवं कथा संयोजक मनीष बहेडिया ने बताया कि प्रसंग सुन श्रद्धालुओं ने नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के उद्घोष और फूलों की वर्षा के बीच जमकर नृत्य किया।
*शहीद चौक से आज निकलेगी विशाल प्रभात फेरी, होगा सामूहिक भोज*
मंगलवार प्रातः 06:00 बजे: दूधाधारी मंदिर (शहीद चौक) से विशाल प्रभात फेरी निकलेगी, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरेगी। मंगलवार को बाल कृष्ण लीला के बाद विशेष दर्शन और सामूहिक समरसता भोज होगा। मंगलवार शाम 07:30 बजे कोठारी पैलेस, पुर में राघव शर्मा द्वारा पाठ किया जाएगा। 2 अप्रैल (गुरुवार) को सुदामा चरित्र की कथा के साथ महोत्सव का समापन होगा। संस्थान के अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस महोत्सव में समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। शाम को रामस्नेही वाटिका में आयोजित ‘युवा गोष्ठी’ में भी महाराज श्री ने युवाओं को धर्म और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा दी। कथा में पहुंचने के लिए सुबह 11 बजे रामधाम से बस व्यवस्था जारी है। कथा का संचालन पंडित अशोक व्यास कर रहे है। रसायनशाला में प्रदर्शनी भी जारी है।
*भक्त घरों से लाएंगे भोजन प्रसाद, कथा के विराम के बाद होगा भोजन*
मंगलवार को कथा में श्रद्धा और समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस आयोजन की विशेषता यह है कि सभी श्रद्धालु अपने-अपने घरों से शुद्ध सात्विक भोजन प्रसाद के रूप में तैयार करके लाएंगे। कथा के मंगलमय समापन और विराम के पश्चात, सभी भक्तगण एक साथ बैठकर इस सामूहिक प्रसाद को ग्रहण करेंगे। यह पहल न केवल भक्तों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देगी, बल्कि एक सामूहिक भोज के माध्यम से सेवा भाव को भी जागृत करेगी। मंगलवार की इस पावन बेला पर कथा श्रवण के बाद होने वाला यह सहभोज कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा, जहाँ भक्ति के साथ-साथ प्रसाद का आनंद भी साझा किया जाएगा।
