भीलवाड़ा में शुरू हुई अफीम खरीद, केन्द्रीय नारकोटिक्स विभाग ने लगाया अस्थाई तोल केन्द्र

BHILWARA
Spread the love


पहले दिन 192 किसानों से खरीदी गई अफीम, 22 अप्रैल तक चलेगा खरीद का अभियान

भीलवाड़ा-मूलचन्द पेसवानी
मेवाड़ के प्रमुख धार्मिक स्थल सिंगोली चारभुजा में गुरुवार से केन्द्रीय नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम खरीद का कार्य विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया। माहेश्वरी समाज की धर्मशाला में अस्थाई तोल केन्द्र स्थापित किया गया है, जहां पहले ही दिन बड़ी संख्या में अफीम उत्पादक किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे और सुव्यवस्थित तरीके से तोल प्रक्रिया में शामिल हुए।


जिला अफीम अधिकारी एवं तोल केन्द्र प्रभारी सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि पहले दिन निंबोदा, हमेरगंज, बड़ोदिया, गुर्जरों का मोरवन, केवड़ों का लुहारिया, दौलतपुर निमड़ी, हाड़ों का मोरवन और बाघपुरा सहित आठ गांवों के 192 किसानों से अफीम की खरीद की गई। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र पर भीलवाड़ा डिवीजन के अंतर्गत भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़, कोटड़ी, बिजौलियां और जहाजपुर तथा चित्तौड़गढ़ जिले की बेगूं और रावतभाटा तहसीलों के किसानों से अफीम खरीदी जाएगी।
तोल केन्द्र प्रभारी सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि कुल मिलाकर करीब 300 गांवों के लगभग 6 हजार किसानों की अफीम इस केन्द्र पर खरीदी जानी है। यह खरीद अभियान 22 अप्रैल तक चलेगा। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तोल केन्द्र पर छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस वर्ष अफीम उत्पादक किसानों के लिए भुगतान प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले किसानों को उनकी उपज की 90 प्रतिशत राशि तुरंत उनके बैंक खातों में भेज दी जाती थी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि गुणवत्ता जांच के बाद दी जाती थी। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत किसानों को पूरी राशि एक सप्ताह के भीतर एकमुश्त उनके बैंक खातों में जमा कराई जाएगी। इससे किसानों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अफीम की खरीद पूरी तरह गुणवत्ता के आधार पर की जा रही है। विभाग द्वारा 850 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रति किलो तक की दर निर्धारित की गई है। तोल केन्द्र पर ही एक अस्थाई प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जहां 25 ग्राम सैंपल लेकर अफीम की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही अंतिम दर तय की जाती है।
तोल केन्द्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राजस्थान पुलिस के चार सशस्त्र जवानों को तैनात किया गया है, वहीं पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रखी जा रही है। तोली गई अफीम को विशेष रूप से तैयार प्लास्टिक के कैन में भरकर सुरक्षित स्थान पर रखा जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
जिला अफीम अधिकारी रजत ने बताया कि इस बार खरीदी गई अफीम को जांच के लिए नीमच भेजा जाएगा। पहले यह अफीम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर भेजी जाती थी, लेकिन अब इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को रावतभाटा तहसील के 13 गांवों के 281 किसानों की अफीम की खरीद की जाएगी। इसके साथ ही आगामी दिनों में अन्य गांवों के किसानों से भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अफीम खरीदी जाएगी।