महिलाएं अब नीति की लाभार्थी नहीं, नीति निर्माता बनेंगी; 20 अप्रैल तक जिले में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
भीलवाड़ा। मूलचंद पेसवानी
नारी शक्ति वंदन अधिनियम- 2023 को भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताते हुए भाजपा ने इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया है। भीलवाड़ा में रविवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में धौलपुर-करौली से लोकसभा प्रत्याशी इंदु देवी जाटव ने कहा कि यह संवैधानिक संशोधन महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी ही नहीं, बल्कि नीति निर्माण में भागीदार बनाएगा।
उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति की सीटें भी शामिल होंगी। इससे निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और शासन की प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों को अधिक महत्व मिलेगा।
जाटव ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से सामाजिक सोच में बदलाव आया है। सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाओं से करोड़ों महिलाओं को लाभ मिला है। जन धन योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी हैं, वहीं स्वयं सहायता समूहों और मुद्रा योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक बनी हैं। हाल के चुनावों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा है, जो उनकी बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
सदन में बढ़ेगी गुणवत्ता भी
सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से संसद और विधानसभाओं में गरिमा, शालीनता और गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने बताया कि संविधान संशोधन को प्रभावी बनाने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाने की योजना है, जिससे आगामी चुनावों में महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिल सके।
20 अप्रैल तक जागरूकता अभियान
अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए जिले में 20 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत पदयात्रा, वाहन रैली, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, सैंड आर्ट और लोकगीतों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी। प्रमुख स्थानों पर ‘नारी शक्ति दीवार’ बनाई जाएगी, जहां महिलाएं अपने विचार साझा कर सकेंगी। कॉलेजों और चौराहों पर मानव श्रृंखला भी बनाई जाएगी।
जिला टोली का गठन
अभियान के संचालन के लिए सात सदस्यीय जिला टोली का गठन किया गया है, जिसमें मंजू चेचाणी को जिला संयोजक बनाया गया है। उनके साथ आरती कोगटा, मंजू पालीवाल, ज्योति आशीर्वाद, मोहिनी माली, अभिश्रुता सोलंकी और रागिनी गुप्ता को शामिल किया गया है।
