महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के पद के 10 वर्ष पूर्ण, भव्य धार्मिक एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित

BHILWARA
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गौसेवा को समर्पित रहा आयोजन, पानी की टंकियों का वितरण व गौमाता को तरबूज भोग
✍️ मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा।
परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के महामंडलेश्वर पद पर 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरि शेवा उदासीन आश्रम, सनातन मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक एवं सेवा-प्रधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दशक पूर्ति के इस पावन अवसर को आश्रम द्वारा पूर्णतः गौ-सेवा को समर्पित किया गया।
कार्यक्रम में भीलवाड़ा के सांसद दामोदर अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर गौसेवा को बढ़ावा देते हुए निराश्रित गौवंश के लिए पानी की टंकियों का वितरण किया गया तथा गौमाता को तरबूज का भोग अर्पित किया गया।
लघु उद्योग भारती राजस्थान के प्रदेश संयुक्त महामंत्री रवींद्र जाजू ने अपने संबोधन में स्वामी हंसराम उदासीन के 10 वर्षों के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि हरि शेवा उदासीन आश्रम न केवल धार्मिक चेतना का केंद्र है, बल्कि समाज सेवा और जीव दया के क्षेत्र में भी अनुकरणीय कार्य कर रहा है।
भीषण गर्मी को देखते हुए सेवा पहल
आगामी गर्मी के मद्देनज़र निराश्रित गौवंश के लिए पानी की टंकियों का वितरण किया गया, जिससे बेजुबान पशुओं को पेयजल के लिए भटकना न पड़े।
गौमाता को तरबूज भोग, भावुक बना दृश्य
कार्यक्रम के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने गौमाता की पूजा-अर्चना कर अपने हाथों से तरबूज का भोग लगाया। भीषण गर्मी में गौसेवा का यह दृश्य अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायक रहा।
सेवा ही पद की सार्थकता: स्वामी हंसराम
इस अवसर पर स्वामी हंसराम उदासीन ने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि “पद की वास्तविक सार्थकता सेवा में निहित है। बीते 10 वर्षों में सनातन धर्म और जीव मात्र की सेवा का जो संकल्प लिया गया, वह निरंतर आगे भी जारी रहेगा।”
उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल 2016 को सिंहस्थ कुंभ, उज्जैन में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन द्वारा स्वामी हंसराम जी को महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई थी। पिछले एक दशक में उनके मार्गदर्शन में धर्म, संस्कार एवं सेवा की भावना को समाज में निरंतर सुदृढ़ता मिली है।
कार्यक्रम के दौरान संत समाज एवं गणमान्य अतिथियों ने स्वामी जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना को सशक्त करना रहा, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संत राजाराम, संत गोविन्द राम, ब्रह्मचारी मिहिर सहित अनेक गणमान्य नागरिक, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने स्वामी जी का माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर स्वागत किया और उनके सफल 10 वर्षीय कार्यकाल पर बधाई प्रेषित की