संतों के सानिध्य में बनी बड़ी रूपरेखा, 3 मई की बैठक में तय होगी अंतिम तैयारी
भीलवाड़ा-मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा शहर में आगामी पुरुषोत्तम (अधिक) मास को लेकर धार्मिक माहौल बनने लगा है। हरि सेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में आयोजित बैठक में इस पावन मास को भव्य और श्रद्धा के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि 17 मई से शुरू होने वाले पुरुषोत्तम मास के दौरान शहरभर में विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें भजन-कीर्तन, सत्संग, कथा, सेवा कार्य और धार्मिक जागरण जैसे आयोजन शामिल रहेंगे। आयोजकों का उद्देश्य इस मास को केवल धार्मिक पर्व तक सीमित न रखते हुए इसे समाज में संस्कार, सेवा और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम बनाना है।

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने बताया कि आयोजन को व्यापक रूप देने के लिए 3 मई 2026, रविवार को शाम 5 बजे सर्व हिन्दू सनातन समाज की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में शहर के संत-महात्मा, मातृशक्ति, युवाशक्ति, भजन मंडलियां, विभिन्न सामाजिक संस्थाएं और सेवादार शामिल होंगे। इस दौरान आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा और जिम्मेदारियों का भी वितरण किया जाएगा।
आश्रम प्रबंधन ने सभी धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में बैठक में भाग लेकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही ऐसा आयोजन संभव है, जो पूरे शहर को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ सके।
पुरुषोत्तम मास का महत्व- हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह मास भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। यह समय आत्मशुद्धि, साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
