*फोकस भीलवाड़ा न्यूज़ बनेड़ा -परमेश्वर दमामी*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेड़ा से एक गर्भवती महिला को रेफर किए जाने पर कॉल सेंटर जयपुर द्वारा 108 एंबुलेंस कर्मियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस के पायलट प्रकाश चंद्र कुमावत गर्भवती महिला और उनके परिजनों को लेकर महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा के लिए रवाना हुए।
रास्ते में अचानक गर्भवती महिला को असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति ऐसी बन गई कि एंबुलेंस में ही डिलीवरी करवानी पड़ी। इस दौरान पायलट प्रकाश चंद्र ने सूझबूझ दिखाते हुए एंबुलेंस को बिना रोके सायरन के साथ तेजी से अस्पताल की ओर बढ़ाया, वहीं ईएमटी एहसान अली ने चलती एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करवाया।
जब महिला को बनेड़ा अस्पताल से रवाना किया गया था, तब परिजनों के चेहरे पर चिंता और डर साफ नजर आ रहा था, लेकिन 108 एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता और समझदारी से सुरक्षित प्रसव होने के बाद एंबुलेंस में नवजात की किलकारी गूंज उठी और परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
ईएमटी एहसान अली और पायलट प्रकाश चंद्र कुमावत ने इस दौरान दाई की भूमिका निभाते हुए मानवता और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया। परिजनों ने 108 एंबुलेंस कर्मचारियों को “भगवान का दूसरा रूप” बताते हुए उनका आभार जताया और दुआएं दीं।
सुरक्षित प्रसव के बाद ईएमटी एहसान अली ने नवजात की नाल काटी तथा जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित हालत में पायलट प्रकाश चंद्र के सहयोग से जिला अस्पताल भीलवाड़ा पहुंचाया गया, जहां दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
