BHILWARA

बिजोलिया में जैन संतों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन



रीवा हादसे की उच्चस्तरीय जांच, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल व राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग

बिजौलियां। क्षेत्र के सकल जैन समाज ने मध्यप्रदेश के रीवा में विहाररत आर्यिका माताजी के साथ हुई दुखद दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार ललित डीडवानिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने तथा घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई।



ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई को रीवा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के सामने राष्ट्र संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका श्री 105 श्रुतमति एवं आर्यिका श्री 105 उपशममति माताजी का विहार के दौरान असामयिक निधन हो गया। समाज ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मामले की न्यायिक अथवा उच्चस्तरीय जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सकल जैन समाज ने ज्ञापन में कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज में शांति, संयम और अहिंसा का संदेश देते हैं। ऐसे में संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं और हमले चिंता का विषय हैं।

ज्ञापन में विहाररत संतों की सुरक्षा के लिए “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक एवं हाईवे क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही भारत सरकार से पैदल विहार करने वाले संतों के लिए “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” एवं सुरक्षा एसओपी लागू करने की भी मांग उठाई गई।

समाज ने प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय के लिए “संत सिक्योरिटी को-ऑर्डिनेशन सेल” एवं आपातकालीन संपर्क व्यवस्था बनाने का सुझाव भी दिया। जैन समाज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना एवं तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!