भीलवाड़ा में भाजपा ने प्रशिक्षण शिविर से साधा 2028 का चुनावी लक्ष्य
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाना ही भाजपा की राजनीति का मूल उद्देश्य -मेघवाल
देश में जमानत पर चल रहे लोग देश के लिए खतरा-मदन राठौड़
भीलवाड़ा-मूलचन्द पेसवानी
राजस्थान में आगामी चुनावी तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने जहाजपुर में आयोजित दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से संगठनात्मक शक्ति, वैचारिक प्रतिबद्धता और चुनावी रणनीति का बड़ा संदेश दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत आयोजित इस शिविर को केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि भाजपा की आगामी राजनीतिक रणनीति का “ग्राउंड मॉडल” माना जा रहा है।

रविवार को समापन सत्र में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “घोटाले करके जमानतों पर चल रहे लोगों से देश को बचाना है।” उनका यह बयान सीधे तौर पर विपक्षी दलों पर राजनीतिक प्रहार माना जा रहा है। राठौड़ ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा केवल सत्ता प्राप्ति के लिए राजनीति नहीं करती, बल्कि राष्ट्र को “परम वैभव” तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य करती है।

उन्होंने कहा कि देश के कण-कण से आत्मीयता रखने वाले और महापुरुषों का सम्मान करने वाले लोगों का शासन ही राष्ट्र को स्थिरता और विकास दे सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा का यह संदेश राष्ट्रवाद और वैचारिक राजनीति के जरिए कार्यकर्ताओं में भावनात्मक ऊर्जा भरने का प्रयास है।
दसवें सत्र में केंद्रीय कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भाजपा की वैचारिक लाइन को आगे बढ़ाते हुए अंत्योदय, एकात्म मानववाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को संगठन की मूल आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाना ही भाजपा की राजनीति का मूल उद्देश्य है। इसे भाजपा द्वारा “समावेशी राष्ट्रवाद” के राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

शिविर के विभिन्न सत्रों में भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिए कि आगामी चुनावों में बूथ प्रबंधन और डिजिटल प्रचार उसकी सबसे बड़ी ताकत होंगे। पूर्व मंत्री अनीता भदेल ने “मेरा बूथ-सबसे मजबूत” अभियान को चुनाव जीतने का मूल मंत्र बताते हुए बूथ समितियों के गठन और मतदाता सूची पुनरीक्षण पर जोर दिया।
वहीं महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री मुकेश कंवर ने सोशल मीडिया और एआई के जरिए राजनीतिक नैरेटिव मजबूत करने का प्रशिक्षण दिया। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से पार्टी की विचारधारा को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति समझाई गई। कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित से जुड़ी पोस्ट को लाइक, शेयर और रीट्वीट करने का आह्वान भी किया गया। राजनीतिक रूप से देखा जाए तो भाजपा अब पारंपरिक जनसंपर्क के साथ डिजिटल वारफेयर को भी चुनावी हथियार के रूप में तैयार कर रही है।
शिविर में भाजपा ने अनुशासन और संगठनात्मक संस्कृति का भी बड़ा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं बर्तन धोना, प्लास्टिक मुक्त आयोजन, कुल्हड़ों का उपयोग और महापुरुषों के नाम पर कक्षों का नामकरण भाजपा के “संस्कारयुक्त संगठन” की छवि को मजबूत करने का प्रयास माना गया। प्रदेश नेतृत्व ने भीलवाड़ा जिला भाजपा के इस आयोजन को प्रदेश के लिए मॉडल बताया। इससे यह संकेत भी मिले कि भाजपा अब प्रशिक्षण शिविरों को केवल औपचारिक कार्यक्रम न रखकर उन्हें राजनीतिक, वैचारिक और चुनावी तैयारी का केंद्र बना रही है।
राष्ट्रीय मुद्दों और संगठन के इतिहास पर आधारित ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता ने शिविर को आधुनिक स्वरूप दिया। 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वालों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट दिए गए। भाजपा इसे वैचारिक रूप से प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम कार्यकर्ता तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
जिला प्रवक्ता अंकुर बोरदिया का मानना है कि जहाजपुर का यह शिविर कई मायनों में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन साबित हुआ। राष्ट्रवाद, संगठन, बूथ मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और अनुशासन के मिश्रण के जरिए भाजपा ने यह संकेत देने की कोशिश की कि वह आने वाले चुनावों के लिए जमीनी और डिजिटल दोनों स्तरों पर पूरी तैयारी में जुट चुकी है।
