अवकाश के दिनों में ड्यूटी का बिजोलिया में विरोध,     पटवारी, वीडीओ और कृषि पर्यवेक्षको ने सौंपा ज्ञापन

BHILWARA
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बिजोलिया। राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति, उपशाखा ने गुरुवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शनिवार, रविवार एवं राजकीय अवकाश के दिनों में नियमित सरकारी कार्य नहीं करवाने की मांग की। ज्ञापन मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार के नाम प्रेषित किया गया।



ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2008 से राज्य कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को शारीरिक एवं मानसिक विश्राम प्रदान कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना था। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों, शिविरों, बैठकों, ग्राम सभाओं और निरीक्षणों का आयोजन लगातार अवकाश के दिनों में किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है।

समिति ने कहा कि पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर लागू करने का कार्य करते हैं। लगातार अवकाश के दिनों में ड्यूटी लगाने से कर्मचारियों का पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बाहरी जिलों में पदस्थापित कई कर्मचारी महीनों तक अपने घर नहीं जा पा रहे हैं।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि बड़े कार्यालयों में अवकाश के दिन कार्य लेने पर कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति अवकाश दिया जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।

संयुक्त समन्वय समिति ने मांग की कि आपातकालीन एवं संकटकालीन परिस्थितियों को छोड़कर अवकाश के दिनों में किसी भी प्रकार की बैठक, चौपाल, ग्राम सभा, शिविर एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएं। समिति ने चेतावनी दी कि भविष्य में शनिवार, रविवार एवं राजकीय अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य कोई कार्य नहीं किया जाएगा तथा ऐसे दिनों में जारी आदेशों को शून्य माना जाएगा।

ज्ञापन देते समय पटवार संघ, कृषि पर्यवेक्षक संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे ।