ईश्वर के भरोसे नहीं ईश्वर पर भरोसा रखो – डॉ. नागर

BHILWARA
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गंगापुर  (दिनेश लक्षकार)

माहेश्वरी सेवा संस्थान में आयोजित सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण के पंचम दिवस में परम पूज्य गुरुदेव राष्ट्रीय संत डॉक्टर मिथिलेश  नागर ने बताया कि ईश्वर के भरोसे मत बैठो ईश्वर पर भरोसा रखो । क्योंकि ईश्वर खुद हमारा इंतजार कर रहा है , उदाहरण देकर बताया कि मंदिर के पुजारी अगर मंदिर के पट नहीं खोलेंगे तो भक्त प्रभु का दर्शन नहीं कर पाएंगे  इसलिए हमें ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए ।

कथा के अंतर्गत बताया कि हमें पर्यावरण का संरक्षण करना आवश्यक है क्योंकि वर्तमान समय में बे मौसम बारिश होना ये प्रकृति के पतन का कारण है क्योंकि बढ़ती जनसंख्या के कारण धीरे धीरे वृक्ष कट रहे है लेकिन उतने पौधे हम नहीं लगा रहे जिससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है , इसलिए  गुरुदेव ने आव्हान किया कि हमें अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य पर एक पौधा अवश्य लगाएं एवं जब तक वो बड़ा नहीं हो जाता उसकी रक्षा का संकल्प ले , भगवान श्रीकृष्ण ने गिरिराज गोवर्धन लीला कर के यही संदेश दिया है कथा में श्रीकृष्ण जी की माखन चोरी लीला का सुंदर चित्रण झांकी  के माध्यम से किया । एवं गिरिराज गोवर्धन को 56 प्रकार के भोग का नैवेद्य लगाया गया । साथ ही हिंदू धर्म में अपनाए जाने वाले 16 संस्कारों पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए बताया कि बच्चे के जन्म से पूर्व से लेकर अंतिम समय तक 16 प्रकार के संस्कार होते है , वर्तमान में कई संस्कार विलुप्त हो गए जिससे आज उसका उल्टा परिणाम समाज को भोगना पड़ रहा है । छोटू लाल माली ने बताया की कथा में गुजरात महाराष्ट्र मध्यप्रदेश से भी कई श्रद्धालु भक्तों ने उपस्थित होकर कथा का लाभ अर्जित किया ।