शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में कौशल विकास को सबसे बड़ी शक्ति माना जा रहा है। इसी सोच के साथ एनएफपीआरसी फाउंडेशन द्वारा सांसदों एवं विधायकों के लिए आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने सहभागिता कर युवाओं के भविष्य, कौशल विकास और रोजगार सृजन जैसे अहम मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाई। इस कार्यशाला में देश के विकास की आधारशिला माने जा रहे युवा वर्ग को आधुनिक कौशल से लैस करने पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यशाला के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

उन्होंने नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी “विकसित भारत 2047” विजन को केंद्र में रखते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को विश्व की अग्रणी आर्थिक शक्ति बनाने के लिए केवल नीतियां पर्याप्त नहीं होंगी, बल्कि एक कुशल, प्रशिक्षित और आत्मनिर्भर युवा शक्ति की आवश्यकता होगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में उद्योगों की मांग तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। यदि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए तो भारत का विकास और अधिक तेज गति से संभव हो सकेगा।
कार्यशाला में आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल दक्षता, स्टार्टअप संस्कृति, नवाचार और रोजगारपरक प्रशिक्षण जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित होगी, इसलिए युवाओं को नई तकनीकों के साथ जोड़ना अनिवार्य है। डिजिटल स्किल्स, उद्यमिता और नवाचार आधारित सोच युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला भी बना सकती है।
इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं तक कौशल विकास योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना बेहद आवश्यक है। देश के अनेक प्रतिभाशाली युवा अवसरों के अभाव में अपनी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाते। ऐसे में स्थानीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षण संस्थान और उद्योगों के साथ साझेदारी जैसे प्रयास निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यशाला में अपने विचार रखते हुए शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि यह कार्यशाला उनके लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी रही। यहां प्राप्त सुझाव, अनुभव और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने कहा कि शाहपुरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा मौजूद हैं, जिन्हें केवल सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर की आवश्यकता है। यदि इन युवाओं को आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
डॉ. बैरवा ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से प्राप्त नवाचारों और कौशल विकास से जुड़े विचारों को अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास, उद्यमिता और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवा सशक्तिकरण केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष, नवाचारी और आत्मनिर्भर बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा वर्ग मजबूत, प्रशिक्षित और अवसरों से संपन्न होगा।
शाहपुरा विधायक ने यह भी कहा कि वे अपने क्षेत्र में कौशल विकास, रोजगार सृजन और युवा सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्यरत रहेंगे। उनकी प्राथमिकता रहेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक युवा को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले।
यह कार्यशाला केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं रही, बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए एक ऐसा रोडमैप लेकर आई, जो स्थानीय स्तर पर विकास की नई संभावनाओं को जन्म दे सकता है। स्पष्ट है कि यदि कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर गंभीरता से कार्य हुआ तो विकसित भारत 2047 का संकल्प केवल सपना नहीं, बल्कि साकार होती वास्तविकता बन सकता है।
