बिजोलिया। मानव तिवारी ।
माहे मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को कस्बे में हजरत इमाम हुसैन की याद में मुस्लिम समाज द्वारा पारंपरिक ताजिया जुलूस श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाजजन, युवा और बच्चों ने भाग लेकर इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
मुस्लिम यूथ की ओर से जगह-जगह छबील लगाकर राहगीरों और श्रद्धालुओं को शरबत वितरित किया गया। वहीं युवाओं ने पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन कर हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए मार्ग पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
ताजिया जुलूस सदर बाजार सहित प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार रस्में अदा की गईं। इस दौरान उलेमाओं ने कर्बला की घटना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत सत्य, इंसाफ, सब्र, अमन और भाईचारे की राह पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश पूरी इंसानियत के लिए प्रेम, त्याग और मानवता का प्रतीक है।
