*पुनित चपलोत*
भीलवाड़ा। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में पति की प्रताड़ना और जानलेवा हमले से घायल एक विवाहिता न्याय की गुहार लेकर एंबुलेंस से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। पीड़िता ने एसपी सागर राणा को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि पति ने तलाक का नोटिस भेजने से नाराज होकर उस पर डंडों से हमला किया, जिससे उसके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। साथ ही उसने गांधीनगर थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मामले में पूरी घटना दर्ज नहीं की गई और अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
बाबा धाम, सांवरिया विला निवासी सुमित्रा उर्फ सुमन तिवाडी ने बताया कि वर्ष 2016 में उसकी शादी प्रकाश तिवारी से हुई थी। शादी के बाद से ही पति नशे की हालत में आए दिन मारपीट करता था और रुपयों की मांग करता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर वह पिछले करीब पांच वर्षों से अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ अलग रह रही है और कार क्रय-विक्रय का कार्य कर अपना जीवनयापन कर रही है। इसके बावजूद आरोपी उसके पास पहुंचकर पैसों की मांग करता और मारपीट करता था।
पीड़िता के अनुसार, लगातार प्रताड़ना से तंग आकर उसने पति को तलाक का लीगल नोटिस भेजा। आरोप है कि इसके अगले ही दिन 22 जुलाई की सुबह आरोपी उसके घर में घुस आया और कमरे में बंद कर लकड़ी के डंडे से हमला कर दिया। सिर पर किए गए वार को रोकने के दौरान उसके हाथ की हड्डी टूट गई, जबकि भागने का प्रयास करने पर पैर पर हमला कर दिया गया, जिससे पैर में भी गंभीर चोट आई। बाद में सहकर्मियों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ऑपरेशन करना पड़ा।
महिला का आरोप है कि उसने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने एफआईआर संख्या 184/2026 में पूरी घटना का उल्लेख नहीं किया और जानलेवा हमले की धाराएं भी नहीं जोड़ीं। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से वह लगातार मुकदमा वापस लेने, बेटे का अपहरण करने और जान से मारने की धमकियां दे रहा है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच, उचित धाराओं में कार्रवाई और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
