मुख्य सड़क चमचमाती, लेकिन विद्यालय का रास्ता बदहाल — विद्यार्थियों की सुरक्षा से कब होगा न्याय?
असलम रंगरेज
काछोला। एक ओर काछोला कस्बे की मुख्य सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च कर बेहतर सड़क का निर्माण किया गया है, वहीं दूसरी ओर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं महात्मा गांधी विद्यालय काछोला की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग वर्षों से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई परत, कंकर-गिट्टी तथा बारिश के दौरान कीचड़ और जलभराव के कारण प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नाली निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार विद्यार्थी फिसलकर गिर जाते हैं और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेष रूप से महात्मा गांधी विद्यालय के मुख्य द्वार के पास ढलान और फैली गिट्टी के कारण छुट्टी के समय छात्र-छात्राओं के गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

प्रतिदिन आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं साइकिल एवं मोटरसाइकिल से विद्यालय पहुंचते हैं। खराब सड़क के कारण कई विद्यार्थियों को चोट लग चुकी है, जबकि छात्राओं को कई बार साइकिल खराब होने पर बैग उठाकर पैदल विद्यालय तक जाना पड़ता है। यह मार्ग लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से विद्यालय मार्ग का शीघ्र निर्माण एवं मरम्मत कराने, जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नाली निर्माण करवाने तथा बाईपास से बस स्टैंड डिवाइडर के दोनों ओर विद्यालय मार्ग पर प्लास्टिक स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क भले ही चमचमा रही हो, लेकिन विद्यालय का रास्ता आज भी बदहाली की मार झेल रहा है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस मार्ग का शीघ्र सुधार किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
