6 अगस्त को तहसील कार्यालय पर होगा प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपेंगे ज्ञापन
असलम रंगरेज
काछोला। थल कला से ठिठोड़ा तक निर्माणाधीन सड़क का कार्य लगभग एक वर्ष से अधूरा पड़ा होने से क्षेत्रवासियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि पिछले छह से सात महीनों से सड़क पर केवल बजरी और गिट्टी डालकर निर्माण कार्य रोक दिया गया है, जिससे आमजन का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
इस अधूरी सड़क का सबसे अधिक असर थल कला, ठिठोड़ा, सरथला एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को साइकिल और मोटरसाइकिल से इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। सड़क पर फैली बजरी, गिट्टी और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन फिसलने जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे अभिभावकों में भी चिंता बनी रहती है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार इसी मार्ग पर पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़े हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह सड़क किसानों, आम नागरिकों, वाहन चालकों तथा श्री सरथला श्याम के दर्शन के लिए आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भी प्रमुख मार्ग है। अधूरे निर्माण के कारण धूल, उड़ती गिट्टी और खराब सड़क से प्रतिदिन लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से कार्य बंद रहने के कारण संबंधित विभाग एवं निर्माण एजेंसी के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। लोगों की मांग है कि सड़क निर्माण कार्य को तत्काल पुनः शुरू कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका समाप्त हो।
इसी मांग को लेकर क्षेत्रवासियों, युवाओं, किसानों, सामाजिक संगठनों एवं श्री सरथला श्याम के श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर जनहित में आवाज उठाने का निर्णय लिया है।
6 अगस्त 2026 (गुरुवार) को प्रातः 11:00 बजे तहसील कार्यालय, काछोला में एकत्र होकर तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य को तत्काल शुरू कर निर्धारित समय में पूर्ण कराने तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
आयोजकों ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, युवाओं, किसानों, मातृशक्ति, विद्यार्थियों, वाहन चालकों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस जनहित आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह किसी एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास, सुरक्षित आवागमन, विद्यार्थियों के भविष्य और जनसुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका मानना है कि प्रशासन के समक्ष एकजुट होकर आवाज उठाने से सड़क निर्माण कार्य को गति मिलेगी और क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकेगा
