वेस्ट ज़ोन सीबीएसई तैराकी प्रतियोगिता में 1 स्वर्ण, 1 रजत सहित 7 पदक, प्रशिक्षकों शाहिस्ता नाज़ व आसिफ खान की मेहनत लाई रंग
शाहपुरा | मूलचन्द पेसवानी
मध्यप्रदेश के विदिशा-भोपाल में आयोजित वेस्ट ज़ोन सीबीएसई तैराकी प्रतियोगिता में अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो (मयूर) स्कूल के तैराकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1 स्वर्ण, 1 रजत सहित कुल 7 पदक जीतकर विद्यालय और अजमेर का नाम रोशन किया। इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे तैराकी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले शाहपुरा के कायमखानी परिवार से जुड़े भाई-बहन प्रशिक्षक शाहिस्ता नाज़ कायमखानी और आसिफ खान कायमखानी की मेहनत और कुशल प्रशिक्षण को सफलता का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
प्रतियोगिता में सैयद आतिफ़ चिश्ती ने 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसी स्पर्धा में सैयद मोइनुद्दीन चिश्ती ने रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा सैयद मोइनुद्दीन चिश्ती ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक भी हासिल किया। वहीं हिमांक दिया, अबीर शर्मा, सैयद आतिफ़ और प्रत्युष मोटियानी की टीम ने 4×50 मीटर मेडले रिले तथा 4×50 मीटर फ्रीस्टाइल रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर विद्यालय की उपलब्धियों में चार चांद लगा दिए। कुल मिलाकर मेयो स्कूल के तैराकों ने प्रतियोगिता में 7 पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे शाहपुरा के प्रतिभाशाली प्रशिक्षक शाहिस्ता नाज़ कायमखानी एवं आसिफ खान कायमखानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दोनों प्रशिक्षक पिछले तीन वर्षों से मेयो स्कूल के छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक, अनुशासित अभ्यास और प्रतिस्पर्धात्मक रणनीति के साथ तैराकी का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के खिलाड़ी लगातार जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
विद्यालय के प्राचार्य संजय खाती तथा मेयो कॉलेज जनरल काउंसिल ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों शाहिस्ता नाज़ कायमखानी और आसिफ खान कायमखानी को बधाई देते हुए उनके समर्पण, मेहनत और उत्कृष्ट प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी विद्यालय के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।
शाहपुरा की इस प्रतिभाशाली कायमखानी भाई-बहन प्रशिक्षक जोड़ी की सफलता से क्षेत्र सहित कायमखानी समाज में हर्ष और गर्व का माहौल है। समाज के प्रबुद्धजनों ने इसे शाहपुरा और पूरे कायमखानी समाज के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए दोनों प्रशिक्षकों तथा सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
